SIR विवाद में नया मोड़: दो चुनाव आयुक्तों की चिट्ठी, कैबिनेट सचिव और लॉ कमीशन के बीच क्या है कड़ी?
अब सबसे अहम सवाल यही है—
क्या SIR के दौरान दर्ज आपत्तियों और हटाए गए नामों की स्वतंत्र जांच होगी?
और यदि बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़े जाते हैं, तो फिर यह भी पूछा जाएगा कि उन्हें पहली बार सूची से बाहर करने की वजह क्या थी?
आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के स्तर पर होने वाली कार्रवाई इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगी।
