आजकल पत्रकारिता में प्रवेश लेना वैसा ही हो गया है जैसे किसी शादी में बिना बुलावे के घुस जाना। न
छत्तीसगढ़ के सीतापुर में जो हुआ, वह किसी एक विधायक, एक अफसर या एक जिले का मामला नहीं है। यह
बस्तर के वरिष्ठ पत्रकार अनिल मिश्रा के अनुभवों का दस्तावेज : जीवंत कहानियों की नजर से देखिये बस्तर भागो यहाँ