जिस सिस्टम ने किसी नागरिक को ‘unmapped’, ‘mismatch’, ‘dead’, ‘shifted’ या ‘duplicate’ के खाने में डाल दिया, क्या उसी सिस्टम की गलती साबित करने का पूरा बोझ भी उसी नागरिक पर होना चाहिए?
लोकतंत्र में मतदाता को सिस्टम पर भरोसा करना चाहिए—या सिस्टम को मतदाता के अधिकार की रक्षा करने के लिए खुद ज्यादा मेहनत करनी चाहिए?