“हमारी सरकार अन्नदाताओं के हितों की रक्षा और उन्हें हर संभव संबल प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। संकट की इस घड़ी में सरकार अपने किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।”
जांच की सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के आधार पर कथित अवैध कारोबार के पूरे वित्तीय नेटवर्क, संरक्षण देने वालों और लाभार्थियों की भूमिका को कितनी प्रभावी ढंग से उजागर किया जाता है।