छत्तीसगढ़

संवेदनशील और जमीनी अधिकारी अरुण कुमार पांडे बने छत्तीसगढ़ के नए प्रधान मुख्य वन संरक्षक

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी अरुण कुमार पांडेय को राज्य का नया प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) एवं वन बल प्रमुख नियुक्त किया है। 1994 बैच के अधिकारी श्री पांडेय लंबे प्रशासनिक अनुभव, वन संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता और संवेदनशील कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। राज्य शासन द्वारा 27 मई 2026 को जारी आदेश के बाद वन विभाग और पर्यावरण क्षेत्र से जुड़े लोगों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है।

अरुण कुमार पांडेय इससे पहले वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व संभाल चुके हैं। वे मुख्य वन्यजीव वार्डन के रूप में भी कार्यरत रहे हैं और राज्य में वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने में उनकी सक्रिय भूमिका मानी जाती है।

वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच उनकी पहचान एक ऐसे अधिकारी की रही है जो केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहते बल्कि जमीनी हालात को समझने और स्थानीय समुदायों से संवाद करने को प्राथमिकता देते हैं। आदिवासी अंचलों, वन ग्रामों और जंगलों से जुड़े मुद्दों पर उनकी संवेदनशील दृष्टि की अक्सर सराहना होती रही है।

उनके कार्यकाल में वन संरक्षण और इको-टूरिज्म को जोड़ने की दिशा में भी कई पहलें सामने आईं। भोरमदेव जंगल सफारी जैसी परियोजनाओं को बढ़ावा देने और प्रदेशवासियों को प्रकृति एवं वन्यजीवों से जोड़ने के प्रयासों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है।

वन एवं पर्यावरण से जुड़े जानकारों का मानना है कि छत्तीसगढ़ जैसे वनसमृद्ध राज्य में अरुण कुमार पांडेय का अनुभव आने वाले समय में वन संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को मजबूत दिशा देगा।

राज्य के वन विभाग में उनकी नियुक्ति को एक सकारात्मक प्रशासनिक निर्णय माना जा रहा है, जिससे विभाग को अनुभवी, जिम्मेदार और संवेदनशील नेतृत्व मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

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