जब शिक्षा एक उद्योग बन जाती है, तब सपने अक्सर दबाव में दम तोड़ने लगते हैं।

देश भर में सारे कोचिंग संस्थान बंद करवा दें इसके बाद ना तो कोई पेपर लीक होगा ना बच्चे आत्महत्या करेंगे और ना उनके मां-बाप !! आज के समय में तैयारी करने के लिए AI सहित तमाम इंस्ट्रूमेंट उपलब्ध है जिससे कोई भी स्टूडेंट अपने घर में ही अच्छे से तैयारी कर सकता है
देश में लगातार पेपर लीक, कोचिंग का अस्वस्थ प्रतिस्पर्धी माहौल, मानसिक दबाव और छात्रों की आत्महत्याएँ — ये केवल व्यक्तिगत त्रासदियाँ नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की विफलता का संकेत हैं।
आज तकनीक और AI के दौर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केवल बड़े शहरों के महंगे कोचिंग संस्थानों तक सीमित नहीं रह गई है। लाखों छात्र ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म, डिजिटल लाइब्रेरी, AI टूल्स और ओपन एजुकेशन संसाधनों के माध्यम से घर बैठे तैयारी कर सकते हैं।
जरूरत इस बात की है कि: • शिक्षा को “डर और दबाव” से मुक्त किया जाए
- पेपर लीक माफिया और शिक्षा कारोबार पर सख्त कार्रवाई हो
- छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाए
- सरकारी शिक्षा व्यवस्था और डिजिटल लर्निंग को मजबूत किया जाए
- सफलता को केवल कोचिंग आधारित मॉडल से न जोड़ा जाए
अगर व्यवस्था सच में छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है, तो उसे शिक्षा को व्यवसाय नहीं बल्कि अधिकार मानना होगा।
कमल शुक्ला
