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राज्योत्सव 2026: छत्तीसगढ़ की 36 विभूतियों को मिलेगा राज्य अलंकरण, पत्रकारिता से लेकर कला और खेल जगत तक की प्रतिभाएं सम्मानित

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राज्योत्सव 2026: छत्तीसगढ़ की 36 विभूतियों को मिलेगा राज्य अलंकरण, पत्रकारिता से लेकर कला और खेल जगत तक की प्रतिभाएं सम्मानित

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव 2026 में प्रदेश की 36 विभूतियों और संस्थाओं को विभिन्न क्षेत्रों में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने रविवार को रायपुर स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में पुरस्कारों की घोषणा की।

इस वर्ष घोषित राज्य अलंकरणों में आदिवासी उत्थान, सामाजिक सेवा, महिला सशक्तिकरण, साहित्य, लोककला, पत्रकारिता, खेल, कृषि, चिकित्सा, सिनेमा और ग्रामीण पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को शामिल किया गया है। सम्मानित होने वालों में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ अन्य राज्यों और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली हस्तियां भी शामिल हैं।

सामाजिक सेवा और आदिवासी उत्थान के लिए इनका चयन

आदिवासी सामाजिक चेतना एवं उत्थान के क्षेत्र में धमतरी के डुमन लाल ध्रुव को शहीद वीरनारायण सिंह स्मृति सम्मान प्रदान किया जाएगा। अहिंसा एवं गौरक्षा के क्षेत्र में दुर्ग जिले के विश्व गीता धेनू गोविन्द पक्षी सेवा धाम को यति यतनलाल सम्मान मिलेगा।

महिला उत्थान एवं जनजागृति के लिए गरियाबंद की लोक आस्था सेवा संस्थान (लता नेताम) को मिनीमाता सम्मान दिया जाएगा। वहीं सामाजिक चेतना एवं अनुसूचित जाति उत्थान के क्षेत्र में कबीरधाम के सुखचंद भास्कर को गुरु घासीदास सम्मान के लिए चुना गया है।

सहकारिता के क्षेत्र में बस्तर जिले की प्राथमिक कुडुक मछुआ सहकारी समिति के धनसिंह बघेल को ठाकुर प्यारेलाल सिंह पुरस्कार दिया जाएगा। सामाजिक समरसता के लिए रायगढ़ के बाबूलाल अग्रवाल और सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक उपलब्धियों के लिए बिलासपुर की तेजस्विनी सेवा प्रतिष्ठान को सम्मानित किया जाएगा।

साहित्य और लोकसंस्कृति के साधकों को मिलेगा सम्मान

छत्तीसगढ़ की भाषा, साहित्य और लोककलाओं को समृद्ध बनाने वाले कलाकारों एवं साहित्यकारों को भी राज्य अलंकरण सूची में प्रमुख स्थान मिला है।

समकालीन रंगकर्म एवं नाट्य क्षेत्र में रायपुर के डॉ. पुरुषोत्तम चन्द्राकर को हबीब तनवीर सम्मान तथा हिन्दी साहित्य के लिए रायगढ़ के डॉ. बिहारीलाल साहू को पंडित सुन्दरलाल शर्मा सम्मान प्रदान किया जाएगा।

शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य के लिए डॉ. एम. श्रीराम मूर्ति को चक्रधर सम्मान और लोक नाट्य एवं लोक शिल्प के लिए रेखा जलक्षत्री को दाऊ मंदराजी सम्मान मिलेगा।

छत्तीसगढ़ी लोकगीत के क्षेत्र में दुर्ग की साधना यादव को लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान, पंथी नृत्य के लिए सी.एल. रात्रे को देवदास बंजारे स्मृति पुरस्कार तथा लोक संगीत के लिए रायपुर के चंद्रभूषण वर्मा को खुमान साव सम्मान प्रदान किया जाएगा।

आंचलिक साहित्य एवं लोक कविता के लिए दुर्गा प्रसाद पारकर को लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार तथा साहित्य एवं काव्य के माध्यम से सामाजिक समानता के क्षेत्र में योगदान के लिए बालोद के जगदीश प्रसाद देशमुख को संत रविदास सम्मान दिया जाएगा।

पत्रकारिता के क्षेत्र में चार प्रतिभाओं का चयन

इस वर्ष राज्य अलंकरण में पत्रकारिता के क्षेत्र को भी विशेष महत्व दिया गया है।

हिन्दी प्रिंट मीडिया के लिए रायपुर के प्रमोद कुमार साहू को चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार दिया जाएगा। हिन्दी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के क्षेत्र में वरुण सखाजी और रसिका पाण्डेय को संयुक्त रूप से सम्मानित किया जाएगा।

अंग्रेजी प्रिंट मीडिया के लिए रायपुर के शिशिर राय चौधरी को मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

वहीं रचनात्मक लेखन और हिन्दी भाषा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक अनंत विजय (गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश) को पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।

खेल, कृषि और चिकित्सा के क्षेत्र में भी सम्मान

खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कोरबा की संजू देवी को गुण्डाधूर सम्मान तथा बालोद के टोमन कुमार को महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान दिया जाएगा।

कृषि के क्षेत्र में कबीरधाम के पुन्नी दास भट्ट को डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार के लिए चुना गया है। आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा, शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में धमतरी के डॉ. दिनेश कुमार नाग को धन्वन्तरि सम्मान प्रदान किया जाएगा।

मत्स्य पालन के क्षेत्र में बालोद के प्रदीप कुमार सोनी को श्रीमती बिलासाबाई केंवट मत्स्य विकास पुरस्कार मिलेगा।

संस्कृत, श्रम और आदिवासी सेवा में योगदान को पहचान

संस्कृत भाषा के क्षेत्र में डॉ. बहुरन सिंह पटेल को राजेश्री महंत वैष्णवदास जी महाराज संस्कृत भाषा सम्मान दिया जाएगा।

आदिवासी सेवा एवं आर्थिक उत्थान के क्षेत्र में नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल के सी. श्रीनिवास को डॉ. भंवरसिंह पोर्ते आदिवासी सेवा सम्मान के लिए चुना गया है।

श्रम क्षेत्र में अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, यूनिट कुकुरडीह (बलौदाबाजार) के अंतरयामी सामल को स्व. रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। अपराध अनुसंधान के क्षेत्र में रायपुर के उप पुलिस अधीक्षक सुरेश कुमार ध्रुव को पंडित लखनलाल मिश्र सम्मान मिलेगा।

सिनेमा, पंडवानी और राष्ट्रीय स्तर पर योगदान देने वालों का सम्मान

छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान दंतेवाड़ा की दीपाली सरावगी को प्रदान किया जाएगा।

हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय, पटकथा और निर्माण के क्षेत्र में योगदान के लिए रायपुर के सैयद ताहिर अली (करन खान) को किशोर साहू सम्मान मिलेगा। वहीं सिनेमा निर्देशन के क्षेत्र में मोहन सुंदरानी को किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा।

पंडवानी कला के लिए दुर्ग के चेतन लाल देवांगन को डॉ. तीजन बाई सम्मान प्रदान किया जाएगा।

महिला सशक्तिकरण, विधि और ग्रामीण पर्यटन को भी सम्मान

महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष और नारी उत्थान के क्षेत्र में कांकेर की बुलबुल बैद्या को माता बहादुर कलारिन सम्मान दिया जाएगा।

विधि के क्षेत्र में दिल्ली के कौस्तुभ शुक्ला और रायपुर के हेमन्त कुमार मिश्र को बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान के लिए चुना गया है। ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करने के क्षेत्र में कबीरधाम के सत्येन्द्र कुमार उपाध्याय को चेंदरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं राज्य अलंकरण: राजेश अग्रवाल

पुरस्कारों की घोषणा करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राज्य अलंकरण केवल व्यक्तियों और संस्थाओं का सम्मान नहीं, बल्कि उनके समर्पण, परिश्रम, प्रतिभा और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना का अभिनंदन है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, लोकपरंपराओं और साहित्यिक पहचान को आगे बढ़ाने में कलाकारों, साहित्यकारों, पत्रकारों और विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली प्रतिभाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे सम्मान नई पीढ़ी को अपनी प्रतिभा विकसित करने और प्रदेश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।

पत्रकार वार्ता में संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, संचालक संस्कृति विभाग डॉ. संजय कन्नौजे सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्योत्सव 2026 के राज्य अलंकरणों की यह घोषणा प्रदेश की उन प्रतिभाओं और संस्थाओं के योगदान को सामने लाती है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में काम करते हुए छत्तीसगढ़ की पहचान और सामाजिक-सांस्कृतिक विकास को मजबूती दी है।

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