छत्तीसगढ़: राज्यपाल रमेन डेका ने 1,122 स्काउट्स-गाइड्स को किया सम्मानित, पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी की अपील

रायपुर, 29 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने स्काउट्स और गाइड्स से जल, जंगल और पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की प्रमुख चुनौतियों में से एक है और इससे निपटने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। राज्यपाल गुरुवार को रायपुर स्थित लोकभवन के छत्तीसगढ़ मंडपम में आयोजित भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ के राज्य पुरस्कार अलंकरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
समारोह में राज्यपाल ने प्रदेशभर से चयनित 1,122 स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स और रेंजर्स को राज्य पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर उत्कृष्ट सेवाओं और स्काउटिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया गया।
जल, जंगल और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि स्काउट्स एवं गाइड्स जल संचयन, वनों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने में मदद करती हैं।
उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि स्काउटिंग का आदर्श वाक्य ‘तैयार रहो’ जीवन में जिम्मेदारियों के निर्वहन और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा देता है। उनके अनुसार, पुरस्कार मिलने के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी भी बढ़ती है। सभी प्रतिभागियों को समाजसेवा में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपने आचरण से दूसरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
बस्तर के युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा
राज्यपाल ने बस्तर क्षेत्र से आए स्काउट्स और गाइड्स की उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए युवाओं से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए समय की पहचान, निरंतर प्रयास, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प आवश्यक हैं।
शिक्षा मंत्री ने बताया स्काउटिंग का महत्व
समारोह की अध्यक्षता कर रहे स्कूल शिक्षा मंत्री एवं भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष गजेंद्र यादव ने कहा कि स्काउटिंग के नियम और प्रतिज्ञाएं सदस्यों में अनुशासन, सेवा और समर्पण की भावना विकसित करते हैं।
उन्होंने कहा कि स्काउटिंग से जुड़ा व्यक्ति जीवनभर सेवा के मूल्यों को अपनाकर समाज के लिए काम करता है। राज्यपाल के हाथों मिला सम्मान प्रतिभागियों को भविष्य में भी सामाजिक कार्यों के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने प्रदेश के अधिक से अधिक स्काउट्स और गाइड्स को राष्ट्रपति पुरस्कार हासिल करने के लिए शुभकामनाएं दीं।
किस श्रेणी में कितने प्रतिभागियों को मिला पुरस्कार?
राज्य पुरस्कार समारोह में कुल 1,122 प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इनमें शामिल हैं:
- 405 स्काउट्स
- 528 गाइड्स
- 64 रोवर्स
- 125 रेंजर्स
इसके अलावा, स्काउटिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विभिन्न प्रतिभागियों और पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया गया।
सर्वश्रेष्ठ स्काउटर का सम्मान बालोद के योगेश्वर प्रसाद गांगुली को मिला। सर्वश्रेष्ठ गाइडर के रूप में महासमुंद की तनुजा बंजारे और लता वैष्णव को सम्मानित किया गया। सर्वश्रेष्ठ रोवर के लिए राजमणि बंजारे और चंद्रशेखर पंकज, जबकि सर्वश्रेष्ठ रेंजर के लिए विभूति वर्मा और कृति बिजौर को सम्मानित किया गया।
इसी तरह सर्वश्रेष्ठ स्काउट की श्रेणी में ईश साहू, हरीश कुमार खोटे और राजवीर भट्ट तथा सर्वश्रेष्ठ गाइड की श्रेणी में दिव्या पटेल और दीप्ति पटेल को सम्मान मिला।
दीर्घकालीन सेवाओं के लिए भी सम्मान
स्काउटिंग के क्षेत्र में लंबे समय तक योगदान देने वाले शैलेंद्र मिश्रा, आनंद राम बघेल, पवन कुमार नायक, विनोद कुमार हथेल, शशि बंछोर और रजनी रेड्डी को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
कार्यक्रम के दौरान पीपिंग सेरेमनी भी आयोजित हुई, जिसमें लोकभवन में पदस्थ एडीसी उदित पुष्कर (आईपीएस) को रैंक बैज लगाकर सम्मानित किया गया।
समारोह में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा, राज्य सचिव अमित कुमार क्षत्रिय और संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्य पुरस्कार समारोह ने स्काउटिंग के माध्यम से अनुशासन, समाजसेवा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के महत्व को रेखांकित किया।
