चक्रवात ‘अर्नब’ से प्रभावित किसानों को शीघ्र मिलेगी राहत, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल फसल क्षति का सर्वेक्षण कराने और पात्र किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
सर्वेक्षण और राहत वितरण में अनावश्यक विलंब न हो, किसानों को समय पर मिले सहायता : मुख्यमंत्री श्री साय
अन्नदाताओं के हितों की रक्षा और उन्हें हरसंभव संबल प्रदान करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर 30 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान को गंभीरता से लेते हुए सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल फसल क्षति का सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रभावित किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें समय पर राहत मिल सके, इसके लिए जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का शीघ्र आकलन कर आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधानों एवं निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण से लेकर सहायता राशि के वितरण तक की पूरी प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। सभी संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रभावित किसानों को समय पर राहत मिल सके।
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रायपुर (भूमकाल समाचार)। चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में हुई असामयिक वर्षा और फसलों के नुकसान को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल फसल क्षति का सर्वे कराने और पात्र अन्नदाताओं को शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिला प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ धरातल पर कार्य करने की हिदायत दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण से लेकर मुआवजा वितरण तक की पूरी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सर्वेक्षण और सहायता के लिए दिए गए प्रमुख निर्देश:
- त्वरित फसल क्षति आकलन: सभी जिलों में चक्रवात से प्रभावित फसलों के नुकसान का तत्काल निष्पक्ष सर्वेक्षण कराया जाए।
- नियमानुसार राहत राशि का वितरण: राजस्व पुस्तक परिपत्र (आर.बी.सी. 6-4) के प्रावधानों एवं निर्धारित मानदंडों के आधार पर पात्र किसानों को बिना किसी देरी के सहायता राशि दी जाए।
- समयबद्ध राहत प्रणाली: अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि आर्थिक सहायता सीधे और समय पर किसानों तक पहुंचे, ताकि उन्हें त्वरित संबल मिल सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा, “हमारी सरकार अन्नदाताओं के हितों की रक्षा और उन्हें हर संभव संबल प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। संकट की इस घड़ी में सरकार अपने किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।”
