यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल हुआ सिरपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण

रायपुर, 22 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में सिरपुर ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सिरपुर को यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बताया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सिरपुर प्रदेश की समृद्ध सभ्यता, कला, आध्यात्मिक परंपराओं और ज्ञान-विरासत का अमूल्य प्रतीक है। प्राचीन काल से ही सिरपुर शिक्षा, संस्कृति, धर्म और स्थापत्य कला का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यहां मौजूद ऐतिहासिक स्मारक और पुरातात्विक अवशेष छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत तथा समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की झलक प्रस्तुत करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन तथा उसे वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ‘विकास भी, विरासत भी’ की इसी सोच के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने और पर्यटन की संभावनाओं को विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
साय ने कहा कि सिरपुर का यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल होना प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे सिरपुर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के प्रति वैश्विक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह उपलब्धि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के नए अवसर भी सृजित कर सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिरपुर सहित छत्तीसगढ़ की अन्य महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। इन प्रयासों से आने वाली पीढ़ियां अपनी ऐतिहासिक जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सकेंगी तथा छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
सिरपुर को मिली यह पहचान छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक विरासत के महत्व को रेखांकित करती है। इसके संरक्षण और व्यापक प्रचार-प्रसार से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
