नक्सल मामलों की होगी साप्ताहिक समीक्षा, गैर-जनहानि प्रकरणों में केस वापसी और रिहाई पर सरकार का फोकस

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, पुनर्वास और लंबित नक्सल प्रकरणों की समीक्षा को लेकर नई पहल की है। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि जिन नक्सल मामलों में जनहानि नहीं हुई है, उनमें जेल में निरुद्ध आरोपियों के प्रकरणों की विधिसम्मत समीक्षा कर केस वापसी और रिहाई की प्रक्रिया तेज की जाए। इसके लिए विधि विभाग की सहायता से शासकीय वकीलों और अभियोजन अधिकारियों की विशेष टीम गठित की जाएगी तथा प्रत्येक सप्ताह संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रगति की समीक्षा होगी।
सरकार ने पूर्व में अति नक्सल प्रभावित रहे 50 गांवों के लिए प्रति ग्राम एक करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत करने की घोषणा की है। इनमें सुकमा के 20, बीजापुर के 20 और नारायणपुर के 10 गांव शामिल हैं। साथ ही 15 अगस्त को सभी नक्सल मुक्त घोषित गांवों में तिरंगा यात्रा और ध्वजारोहण आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में नक्सल पीड़ित एवं पुनर्वासित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने, पुनर्वासित युवाओं को घोषित प्रोत्साहन राशि एक माह के भीतर देने, लंबित सहायता प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा नक्सली घटनाओं में प्रभावित परिवारों को सभी शासकीय सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
सरकार का कहना है कि सुरक्षा अभियान के साथ-साथ विकास, पुनर्वास और न्यायिक प्रक्रियाओं को गति देकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास बहाली और स्थायी शांति स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि घोषित समीक्षा प्रक्रिया और प्रकरण वापसी का लाभ वास्तव में पात्र लोगों तक कितनी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पहुंचता है।
