साहित्य

चार पांच पीढ़ी बाद इंसान अपनी भाषा और संस्कृति बदल कर वहीं का हो जाता है जहां कभी उसके पूर्वज आकर बसे थे

अफगानिस्तान के पहाड़ों से एक पश्तून कबाइली मुराद खान नाम का आदमी 16वीं सदी में घोड़े पर गंगा घाटी पार कर बंगाल में बसने के इरादे से आया

जान अब्दुल्लाह

उस दौर में बंगाल की प्रशासनिक व्यवस्था में बाहरी बहादुरों और शिक्षित प्रवासियों को ऊंचे ओहदे मिलते थे। मुराद खान और उनके वंशजों ने स्थानीय नवाबों या जमींदारों के अधीन राजस्व प्रबंधन और भूमि की देखरेख का काम संभाला।

मुराद खान के बाद उनकी तीसरी पीढ़ियों में परिवार को स्थानीय राजाओं/नवाबों द्वारा ‘मजूमदार’ की उपाधि दी गई। मुराद खान के पोते असगर अली के नाम से खान हटाऔर मजूमदारलग गया। ‘मजूमदार’ फारसी शब्द ‘मजमुआदार’ से बना है, जिसका अर्थ होता है ‘रिकॉर्ड कीपर’

यह ठीक वैसा ही काम था जैसा उत्तर भारत में कायस्थ या लाला लोग जमींदारों और राजाओं के यहां जमीनों की मालगुजारी (लगान) और हिसाब-किताब देखने का करते थे। इस प्रशासनिक जिम्मेदारी के कारण यह पश्तून पठान परिवार अपनी मूल ‘खान’ पहचान के साथ ‘मजूमदार’ उपनाम का उपयोग करने लगा और धीरे-धीरे बंगाली भाषा और संस्कृति को अपना लिया।

मुराद खान की पांचवी पीढ़ी में एक व्यक्ति इसकंदर अली मजूमदार हुआ इस्कंदर मजूमदार मैट्रिक पास की और स्थानीय चाय बागानों में नौकरी तथा चाय के बिजनेस की शुरुआत की।

इसी इसकंदर अली मजूमदार के घर जलपाईगुड़ी में 1945 में खालिदा जिया का जन्म हुआ। 1947 में भारत के विभाजन और 1950 के दंगों के बाद, इस्कंदर मजूमदार अपने परिवार के साथ जलपाईगुड़ी से पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) के दिनाजपुर में आकर स्थाई रूप से बस गए

खालिदा जिया ने आगे चलकर बांग्लादेश की राजनीति में अहम भूमिका निभाया। खालिदा जिया के पति जियाउर्रहमान की 1981 में हत्या कर दी गयी.

30 मई 2025 को खालिदा जिया की मृत्यु हो गयी. 2026 के राष्ट्रीय चुनाव में BNP जीत गयी. प्रधानमंत्री बने तारिक रहमान. तारीक रहमान खालिदा जिया के बेटे हैं. जब उनके पिता जियाउर्रहमान की हत्या हुई, तब तारिक रहमान 12 साल के थे.

खैबर पख्तूनख्वा का एक पश्तून पठान परिवार को बंगाली बनने में 400 लग गए. चार पांच पीढ़ी बाद इंसान अपनी भाषा और संस्कृति बदल कर वहीं का हो जाता है जहां कभी उसके पूर्वज आकर बसे थे.

और अपनी औलादों का बेहतरीन विकास का मौका भी वो ही हासिल कर पाता है जो अपने से अलग परिस्थितियों, भाषाओं, सभ्यताओं और राज्यों में जाता है

इसलिए आप देखते हो आपके राज्य में बाहर के लोग आकर बढ़िया कमाते खाते और शिक्षा हासिल करते है

तस्वीर में उसी मुराद खान की छठी जेनरेशन खालिदा जिया (Ex PM Bangladesh)l

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