रायपुर में शपथ पत्र का काला खेल?
बिना नोटरी के सामने गए… बिना हस्ताक्षर किए… फिर भी तैयार हो गया शपथ पत्र!

क्या रायपुर में कुछ चॉइस सेंटरों के माध्यम से नोटरी प्रक्रिया का दुरुपयोग किया जा रहा है?
रायपुर । ( भूमकाल स्टिंग ऑपरेशन )
भूमकाल समाचार ने एक स्टिंग ऑपरेशन के दौरान रायपुर में कथित रूप से संचालित ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जहां दलालों और चॉइस सेंटरों के माध्यम से बिना शपथकर्ता को नोटरी के समक्ष प्रस्तुत किए शपथ पत्र उपलब्ध कराए जाने का दावा किया जा रहा है।
कानूनी व्यवस्था के अनुसार, शपथ पत्र का सत्यापन नोटरी द्वारा शपथकर्ता की उपस्थिति में, उसकी पहचान सुनिश्चित करने तथा आवश्यक औपचारिकताओं के पालन के बाद किया जाना चाहिए। यदि किसी नोटरी द्वारा शपथकर्ता की उपस्थिति, पहचान या रजिस्टर संबंधी नियमों का पालन किए बिना शपथ पत्र प्रमाणित किया जाता है, तो यह नोटरी अधिनियम, 1952 एवं संबंधित नियमों का उल्लंघन हो सकता है। ऐसे मामलों में जांच के बाद संबंधित नोटरी के विरुद्ध कार्रवाई, यहां तक कि लाइसेंस के निलंबन या निरस्तीकरण तक की जा सकती है।

स्टिंग ऑपरेशन के दौरान भूमकाल समाचार ने स्वयं अपने नाम से एक शपथ पत्र बनवाने का प्रयास किया। इस क्रम में सदानी दरबार क्षेत्र में संचालित “इंदु” नाम से चल रहे एक कथित चॉइस सेंटर के संचालक मनीष चंदवानी से संपर्क किया गया। भूमकाल समाचार का दावा है कि दो दिन की प्रक्रिया के बाद बिना नोटरी के समक्ष उपस्थित हुए और बिना हस्ताक्षर किए शपथ पत्र उपलब्ध करा दिया गया।
जिस नोटरी के नाम से उक्त शपथ पत्र प्रमाणित किया गया है, उनका मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं हो सका, इसलिए इस संबंध में उनका पक्ष अभी प्राप्त नहीं किया जा सका है। भूमकाल समाचार कल रायपुर जिला न्यायालय परिसर में उनसे संपर्क कर उनका पक्ष लेने का प्रयास करेगा। यदि उनका पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
भूमकाल समाचार इस पूरे प्रकरण की शिकायत सचिव, विधि एवं विधायी कार्य विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को करने की तैयारी कर रहा है। साथ ही संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त करने के बाद इस मामले पर विस्तृत खोजी रिपोर्ट प्रकाशित की जाएगी।
यदि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होती है, तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि कहीं नोटरी प्रक्रिया का दुरुपयोग कर फर्जी या अवैध दस्तावेज तैयार करने का संगठित नेटवर्क तो संचालित नहीं हो रहा।
