विधानसभा में मुख्यमंत्री का दावा: बस्तर में नक्सलवाद पर निर्णायक बढ़त, अब ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ से विकास पर फोकस

रायपुर, 14 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षा बलों की कार्रवाई तथा स्थानीय लोगों के सहयोग से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से निर्णायक रूप से उबरकर शांति और विकास के नए दौर की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय सुरक्षा बलों, स्थानीय जनता और केंद्र सरकार की रणनीति को दिया तथा शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए आर्थिक सहायता, भूमि, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोग मुख्यधारा में लौटे हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ विकास कार्यों को भी समान प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने कहा कि अब सरकार का ध्यान ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ के माध्यम से पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और आजीविका के समग्र विकास पर केंद्रित है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के तहत 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का 5,542 गांवों में क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिससे 39 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने का दावा किया गया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सुरक्षा शिविरों को ‘शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि बस्तर में 6.79 लाख राशन कार्ड, 17 लाख जनधन खाते, 22 लाख आयुष्मान कार्ड, 1.18 लाख व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र और 3.89 लाख किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं। साथ ही 1.76 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं तथा नक्सल प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए अतिरिक्त 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के 458 बंद स्कूलों में से 421 दोबारा शुरू किए गए हैं और 36 नए विद्यालय स्वीकृत हुए हैं। उन्होंने जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे, जगदलपुर हवाई सेवाओं के विस्तार तथा सभी विकासखंडों में कौशल प्रशिक्षण केंद्रों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में 4 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी हुई, जिससे सामाजिक और सांस्कृतिक सहभागिता को बढ़ावा मिला। मुख्यमंत्री ने गृहमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप और जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव के योगदान की भी सराहना की।
