शहरों की बदहाल सुविधाओं पर सरकार की नजर, अमृत मिशन की धीमी रफ्तार पर सीएम साय नाराज
240 ई-बसें चलाने की तैयारी, 38 निकायों में नालंदा परिसर; 800 करोड़ से 8 सीबीजी प्लांट
रायपुर, 8 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के शहरों में पेयजल, सड़क, सफाई, स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में अमृत मिशन 2.0 की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने नगरीय क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता बताते हुए लंबित कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में आधुनिक तकनीक और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
38 निकायों में नालंदा परिसर, 31 निर्माणाधीन
युवाओं के लिए बनाए जा रहे सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन ‘नालंदा परिसर’ की भी समीक्षा हुई। सरकार के मुताबिक तीन वित्तीय वर्षों में 38 नगरीय निकायों में इसके निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जबकि 31 परिसरों का निर्माण फिलहाल प्रगतिरत है। मुख्यमंत्री ने निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
चार शहरों में 240 ई-बसें
सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 ई-बसें चलाने की तैयारी है। इनके संचालन के लिए आवश्यक अधोसंरचना मार्च 2027 से पहले तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
32 निकायों के लिए 200 करोड़ की ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’
बैठक में बताया गया कि ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ के तहत 32 नगरीय निकायों का चयन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इसके लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान है। वहीं नगरोत्थान योजना के तहत 14 नगर निगमों में सड़क चौड़ीकरण, बाईपास, फ्लाईओवर, सर्विस लेन और अंडरपास जैसे काम किए जा रहे हैं।
रायपुर स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में छठे स्थान पर
अधिकारियों के मुताबिक स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर को 189 अंकों के साथ देश में छठा स्थान मिला है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर नगर निगम और विभागीय टीम को बधाई देते हुए हरित क्षेत्र बढ़ाने और अधिक वृक्षारोपण के निर्देश दिए।
8 निकायों में 800 करोड़ के सीबीजी प्लांट
शहरी कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और स्वच्छ ईंधन की दिशा में प्रदेश के 8 नगरीय निकायों में करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक नगरीय निकाय में अपशिष्ट प्रसंस्करण की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया।
पीएम आवास और शिकायतों के त्वरित निराकरण पर जोर
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 1.0 और 2.0 के तहत स्वीकृत आवासों के निर्माण, आवंटन और व्यवस्थापन की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने पात्र परिवारों को जल्द आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में नगरीय प्रशासन से संबंधित शिकायतों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता और तेजी के साथ शिकायतों का समाधान करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए संपत्ति कर समेत राजस्व एवं कर संग्रह बढ़ाने पर भी जोर दिया।
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव सहित नगरीय प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
