अमित शाह और गृह सचिव के बीच छात्रों पर गोली चलाने को ले कर मत भेद उजागर करने वाले अधिकारी को उठा लिया गया
कहानी दबाने की कोशिश या सत्ता का डर?

पूर्व एडिशनल डायरेक्टर आशीष जोशी को कथित तौर पर दिल्ली पुलिस के दो सादे कपड़ों वाले जवान ने नेहरू पार्क से उठाया—पूछताछ के नाम पर अज्ञात स्थान ले जाने की बात कही जा रही है।
बताया जा रहा है कि उन्होंने जंतर-मंतर की पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए गृह मंत्रालय के भीतर कथित मतभेदों का दावा किया था। उनकी पोस्ट हटाए जाने की बात भी सामने आई है। बताया जाता है कि उन्होंने साफ-साफ अपने ट्वीट में दावा किया था कि गृह मंत्री अमित शाह छात्रों पर गोली चलाएं चलाने के पक्ष में थे जबकि गृह सचिव सहमत नहीं थे ।

अगर एक पूर्व ब्यूरोक्रेट की आवाज भी सत्ता के लिए खतरा बन जाए, तो सवाल सिर्फ आशीष जोशी का नहीं—लोकतंत्र में सच बोलने की आज़ादी का है।
कहानी जितनी दबाई जाएगी, सवाल उतने ही बड़े होंगे।
