उस दिन सारे पुरुष स्त्री होना सीख जाएंगे
आज की कविता मैं चाहती हूँ दुनिया की तमाम स्त्रियां एक दिन की हड़ताल पर चली जाएं माँएं छुट्टी लें
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Read Moreआप अपने सेलफ़ोन पर बात करते हैं करते रहते हैं, करते जाते हैं और हँसते हैं अपने सेलफ़ोन पर यह
Read Moreपूछा था बुढ़िया ने, मरते हुए स्पार्टाकस से। ‘हम तो लड़े थे, कमजोरों के लिए, आज़ादी और जाने कितने अब
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