इंसानियत के दुश्मन तुम जैसे कुत्तों को कोई भी सजा देगा चाहे वह तुम्हारा भगवान् हो तो मैं इसका स्वागत करूँगा 

निर्दोष आदिवासियों के हत्यारे एसपी राजेंद्र नारायण दास और शिव राम प्रसाद कल्लूरी ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर बुरगुम में घर में सो रहे बच्चों और को जंगल ले जाकर मारने वाली पुलिस की बहादुरी की जमकर तारीफ की थी | इन बच्चों को हार्डकोर लाखों का ईनामी नक्सली और इनसे बन्दुक बरामद होना भी बताया था |
हत्यारा एस पी राजेन्द्र नारायण दास ने भी इन बच्चों को मारने वाले जवानों के लिए अपनी और से एक लाख रूपये ईनाम की घोषणा की थी |

पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति व्हाट्स एप्प ग्रुपों में शेयर करने वाले वाले देशभक्त पत्रकार सुधीर जैन द्वारा पुलिस की ओर से जारी स्टेटमेंट का स्क्रीनशॉट
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति व्हाट्स एप्प ग्रुपों में शेयर करने वाले वाले देशभक्त पत्रकार सुधीर जैन द्वारा पुलिस की ओर से जारी स्टेटमेंट का स्क्रीनशॉट

इनके लाश पर केमिकल लपेट वही पुलिसिया तरीके से पॉलीथिन में लपेट इनके घर वालों के हवाले किया था | ताकि लाश का दुबारा जांच भी ना हो सके | लाश पर तुरंत कीड़े बिल-बिलाने लगे थे | विधायक देवती कर्मा और सोनी सोरी सहित किसी को गाँव जाने भी नही दिया था , हजारों फोर्स लगा रखा था | दावा भी किया कि मारे गए बच्चे मुठभेड़ में ही मारे गए । कल्लूरी समर्थक अग्नि और सामाजिक एकता मंच के गुंडों ने बाकायदा आदिवासियों की हत्या का शतक पूरा होने की घोषणा कर सोशल मीडिया में उत्सव मनाया था |

इस हत्यारी रमन सरकार ने बाकायदा गिनती जारी किया कि अब मिशन 2016 में 93 का टारगेट पूरा हुआ | कथित जांच रिपोर्ट भी अभी हाल में ही मक्कार एसपी दास ने जारी कर बताया कि मारे गए दोनों बच्चे बालिग़ हैं और स्कूली नही है ! फिर ऐसा क्या हुआ कि अब कोर्ट में पलटी मार गए |

पुलिस की ख़बरें व्हाट्स एप्प पर जारी करने वाले अग्नि और बस्तर संघर्ष समिति से जुड़े फारुख अली द्वारा जारी व्हाट्स एप्प पोस्ट
पुलिस की ख़बरें व्हाट्स एप्प पर जारी करने वाले अग्नि और बस्तर संघर्ष समिति से जुड़े फारुख अली द्वारा जारी व्हाट्स एप्प पोस्ट

अब उन बेशर्मो से सवाल जो दिन में कई घंटे पूजा कर अपने धार्मिक होने और ब्राह्मण – ठाकुर होने पर घमंड करते हैं , क्या तुम्हारा भगवान और
धर्म; निर्दोष और निरीह की हत्या पर इसी तरह समर्थन की शिक्षा देता है ?? अगर अब भी तुम्हारी आत्मा तुम्हे इन हत्यारों के खिलाफ नहीं कचोटती तो धिक्कार है तुम्हे और तुम्हारे धर्म और तुम्हारे भगवान को !!
पर हमें पता है कि तुम अब भी यही कहोगे कि जो हो गया सो हो गया , जवानों का मनो बल गिरेगा इसलिए इन क्रूर हत्या को भूल जाना होगा | तुम्हारे लिए एक गाय महत्व पूर्ण हो सकता है , पर आदिवासी तो कीड़े- मकोड़े हैं |

अब इन हत्यारों के खिलाफ अगर कोई पत्रकार या वकील सबूत जुटाएगा , अगर कोई समाजसेवी या राजनीतिज्ञ इनके खिलाफ बात करेगा या फिर लोकतान्त्रिक प्रक्रिया के तहत कानूनों के मद्देनजर पर्याप्त सबूत और साक्ष्य के साथ इन्हें कोई कोर्ट सजा देगा , तो तुम कहोगे कि यह नक्सलवाद का समर्थन है | बेशर्म !! देशद्रोही !! धर्मद्रोही !! इंसानियत के दुश्मन , कमीने हरामखोर कहीं के !! तुम जैसे या इन जैसे कुत्तों को जब भी किसी भी तरह , कोई भी सजा देगा चाहे वह तुम्हारा भगवान् हो तो मैं इसका स्वागत करूँगा | इस चोर – लुटरों की और हत्यारी सरकार से तो उम्मीद नहीं है कि वह इन्हें सजा दे | सच तो यही है कि ये सब उसी के इशारे और स्वार्थी राजनीति के तहत हो रहा है |

Kamal Shukla

पत्रकारों के अधिकारों की लड़ाई वर्षों से लड़ने वाले कमल शुक्ला पत्रकार सुरक्षा कानून के लिए संघर्षरत हैं । बस्तर के पत्रकारों के प्रताड़ना का मामला अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है । कमल शुक्ला भूमकाल समाचार के संपादक हैं ।

One thought on “इंसानियत के दुश्मन तुम जैसे कुत्तों को कोई भी सजा देगा चाहे वह तुम्हारा भगवान् हो तो मैं इसका स्वागत करूँगा 

  • 28/10/2016 at 10:29 PM
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    ईश्वर हर काल ओर युग में जिससे वह चाहता है सत्य की रक्षा करनें, पैदा कर उससे अपना कार्य ले लेता है !
    Kaml Shukla जी ओर उनके मानवतावादी सत्यनिष्ठ परिश्रमि सहयोगियों को सलाम !

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