हम घर जाना चाहते हैं, हमें यहाँ से ले चलो : पारो और झुनकी

अक्सर पुलिस के अधिकारी अपनी विज्ञप्ति कुछ ख़ास किस्म के लोगों से जारी करवाते हैं । ऐसे ही पुलिस की विज्ञप्ति जारी करने वाले संदिग्ध संगठन बस्तर संघर्ष समिति के अध्यक्ष फारुख अली की विज्ञप्ति को सोनी सोढ़ी ने झूठा प्रचार बताया है । सोनी सोढ़ी के अनुसार लाइवलीहुड कॉलेज पुलिस का प्रशिक्षण केंद्र बन चूका है । छत्तीसगढ़ सरकार के इशारे पर बस्तर पुलिस यहाँ यह काम कर रही है ।

पुलिस ने लाइवलीहुड कॉलेज को हाइजेक कर लिया है । सोनी सोढ़ी का कहना है कि वह पुलिस के प्रशिक्षण केंद्र में नहीं लाइवलीहुड कालेज गई थी । तो पुलिस की तारीफ़ का प्रश्न ही नहीं उठता है । हाँ प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षकों की उन्होंने जरूर तारीफ की थी । जहाँ उन दोनों लड़कियों पारो और झुनकी ने दो दिन में ही अपना स्वयं का सूट सील लिया था ।

सरकार के इशारे पर बस्तर पुलिस फर्जी आत्मसमर्पण करवाकर लोगों को प्रशिक्षण देने का स्वांग रच रही है । लाइवलीहुड कालेज छत्तीसगढ़ सरकार के अघोषित जेल की तरह कार्य कर रहा है । छत्तीसगढ़ सरकार यदि ईमानदारी से लोगों को प्रशिक्षण देकर रोजगार मुहैया करवाती तो बस्तर में नक्सल समस्या कब की ख़त्म हो चुकी होती । लेकिन सरकार तो निर्दोषों को माओवादी बताकर आत्मसमर्पण करवा रही है । और जो पुलिस के साथ जाने तैयार नहीं होते उन आदिवासियों को फर्जी मुठभेड़ में मार दे रही है । जैसा निर्दोष आदिवासी अर्जुन और हिड़मे को माओवादी बताकर पुलिस ने मौत के घाट उतार दिया ।

सोनी सोढ़ी के अनुसार वो पारो और झुनकी के परिवार के कहने पर उनसे मिलने गई थी । वे आने के लिये तैयार थी; और बार बार रुग्ण होकर कह रही थी कि हमें यहाँ से ले चलो किन्तु वे बिना आईजी के इजाजत के कही जा ही नहीं सकती हैं । जब वहाँ यह सब चल रहा था तब बार-बार पुलिस के अधिकारियों का केंद्र में फोन आने लगा । तब प्रशिक्षण केंद्र प्रभारी ने सोनी सोढ़ी को वहाँ से जाने के लिये कहा और निराश होकर उन्हें लौटना पड़ा । दोनों लड़कियाँ अपने परिवार के भाई और मामा अर्जुन के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो पा रही हैं । जिसे पुलिस ने कथित मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया है । सोनी सोढ़ी का कहना है कि क्या मैं इसके लिए पुलिस की तारीफ करूँ कि वे निर्दोष आदिवासियों की हत्या कर रहे हैं और उनके परिजनों को नक्सली बताकर आत्मसमर्पण करवा रहे हैं और अपने अघोषित जेल लाइवलीहुड कॉलेज में कैद कर रखे हैं । जहाँ से वे अपनी मर्जी से घर भी नहीं जा सकते हैं ।

सोनी सोढ़ी ने लीगल एड ग्रुप और हिमांशु कुमार को लेकर की गई टिपण्णी को भी सिरे से नकार दिया है ।

Prabhat Singh

प्रभात सिंह बस्तर के युवा पत्रकार हैं | जो देश की पत्रकारिता में एक उभरता हुआ नाम है । इनके नाम का भय छत्तीसगढ़ के भ्रष्ट अफसरों और नेताओं में घर कर गया है । इन्हें आदिवासीयों के साथ हो रहे अत्याचार, फर्जी मुठभेड़, फर्जी गिरफ्तारी, भ्रष्टाचार जैसे मामलों पर लिखने के कारण छत्तीसगढ़ सरकार ने फर्जी मामले बनाकर जेल में डाल दिया था | तीन माह बाद जेल से बाहर आकर दुबारा भूमकाल समाचार के माध्यम से आदिवासियों की आवाज बुलंद कर रहे है |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *