आज की कविता

भगत सिंह अच्छा हुआ तुम न रहे !! – आज की कविता

हमने तुम्हारी वर्षगाँठ को भी धंधा बना लिया है, भगतसिंह हमने तुम्हारी प्रतिमा को भी कुर्बानी का प्रमाण पत्र थामे...

शब्द चिड़ियों की तरह रहती है- आज की कविता

( प्रसिद्ध कवि और छायाकार त्रिजुगी कौशिक जी नहीं रहे । जन संपर्क विभाग में नौकरी करते हुए उन्होंने बस्तर...

नव-बारहमासा-आज की कविता :

आषाढ़ में फैलती ही हैं बीमारियाँ सावन-भादो में आती ही है मंदी आसिन बहुत उपयुक्त है दंगों के लिए कतिकसन...

हर किसी की सीमा तय करने का वक़्त है– आज की कविता

साकलदीपी ब्राह्मण बताते हैं उत्स मगह मगह के बाहर के साकलदीपियों को खदेड़ दिया जाए कान्यकुब्जों को भेजा जाए कान्यकुब्ज...

समय नहीं है : आज की कविता

फोटो : गांव कनेक्शन डॉट कॉम मैं अभी शामिल नहीं होना चाहता आपकी अकादमिक बहस में आपकी शास्त्रीय पुनर्व्याख्याएं कर...

हमारी अर्थी शाही हो नहीं सकती

आज की कविता हमारे सपनों में रहा है एक जोड़ी बैल से हल जोतते हुए खेतों के सम्मान को बनाए...