गांधी जी की याद में
आज की कविता "एक आदमी मुझे मिला भदोही में" मक़बूल फ़िदा हुसैन एक आदमी मुझे मिला भदोही में, वह टायर...
आज की कविता "एक आदमी मुझे मिला भदोही में" मक़बूल फ़िदा हुसैन एक आदमी मुझे मिला भदोही में, वह टायर...
हमने तुम्हारी वर्षगाँठ को भी धंधा बना लिया है, भगतसिंह हमने तुम्हारी प्रतिमा को भी कुर्बानी का प्रमाण पत्र थामे...
( प्रसिद्ध कवि और छायाकार त्रिजुगी कौशिक जी नहीं रहे । जन संपर्क विभाग में नौकरी करते हुए उन्होंने बस्तर...
एक दिन आधी रात को उन्होंने भाषा पर पाबंदी लगा दी घोषणा हुई आज से सब की एक ही भाषा...
आषाढ़ में फैलती ही हैं बीमारियाँ सावन-भादो में आती ही है मंदी आसिन बहुत उपयुक्त है दंगों के लिए कतिकसन...
साकलदीपी ब्राह्मण बताते हैं उत्स मगह मगह के बाहर के साकलदीपियों को खदेड़ दिया जाए कान्यकुब्जों को भेजा जाए कान्यकुब्ज...
फोटो : गांव कनेक्शन डॉट कॉम मैं अभी शामिल नहीं होना चाहता आपकी अकादमिक बहस में आपकी शास्त्रीय पुनर्व्याख्याएं कर...
आज की कविता हमारे सपनों में रहा है एक जोड़ी बैल से हल जोतते हुए खेतों के सम्मान को बनाए...
अम्मा ने समझाया बार-बार जिनगी में बहुत जरूरी हो गयी गांठ खींच कर लगाई गांठ पर गांठ बांध-रखना अच्छे से...
‘तेरा रेप हुआ या पचीस हजार को आई है’ बोला हँसा और बोला ‘तेरा रेप कौन करेगा सतयुग में दोपदिया...