आज भी आदिवासियों से दो किलो नमक के बदले एक किलो चिंरौंजी छीन लेते हैं व्यापारी
मेहनत से निकले पसीने में होता है नमक ; क्या हम इस नमक का सम्मान कर पा रहे हैं ?...
मेहनत से निकले पसीने में होता है नमक ; क्या हम इस नमक का सम्मान कर पा रहे हैं ?...
गांव की समस्या की लड़ाई लड़ने पर ठहरा दिया नक्सली समर्थक , तीन साल तक छोड़ना पड़ा गांव सुकमा ।...
कांकेर में वन अधिकार मान्यता कानून का लगातार उल्लंघन अंतागढ़ ब्लॉक के ग्राम पतकालबेड़ा में 17 आदिवासी परिवारों की 30...
नितीश मालिक पखांजूर - संगम परलकोट इलाके के 50 गावं के लगभग हजारो किसानो को आज 45 साल के बाद...
एडेसमेटा गांव में सुरक्षा बलों ने 17 मई 2013 को बीज उत्सव मना रहे लोगों पर अंधाधुंध गोलियाँ चलाकर तीन...
जहां बन्दूक की नोक पर है पत्रकारिता की आजादी कथित जनयुद्ध करने वाले माओवादी भी डरते हैं पत्रकारों के सवालों...
बीजापुर । माओवाद प्रभावित इलाके मनकेलि-गोरना गांव से 27 साल बाद बीजापुर कोतवाली में जुर्म दर्ज हुआ है । इसके...
पहले बिकता था नमक के मोल ,अब भी आदिवासी कोचियों के भरोसे छाया - शुभंकर शुक्ला नीतीश मलिक की रिपोर्ट...
बस्तर के आदिवासियों के लिए तेंदूपत्ता प्रकृति की एक ऐसी देन है जिस पर आदिवासियों की पूरी अर्थ व्यवस्था टिकी...
कांकेर । छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में अंतागढ़ तहसील के ग्राम कलगाँव में रावघाट लौह प्रोजेक्ट के तहत 30 से...