नरवा योजना और वन परिक्षेत्र मद्देड का कारनामा ! सरकार के पैसों का दुरुपयोग कर रहा है वन विभाग – कांग्रेसी नेता
यूकेश चंद्राकर बीजापुर
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी के तहत बीजापुर के मद्देड वन परिक्षेत्र में जिस जगह पर गेबियन, एलबीसीडी एसीटी, और सीएसबी के कार्य वन विभाग ने कराए हैं, उसे जिला पंचायत सदस्य बसंत राव ताटी ने शासन के पैसों का दुरुपयोग बताया है ।
मद्देड वन परिक्षेत्र का तुनकीगुट्टा, सी आर पी एफ कैम्प बनने से पहले नक्सलियों का चेकपॉइंट हुआ करता था । एनएच 63 एक छोटे से पहाड़ से होकर गुजरती है जिसे इस क्षेत्र में तुनकीगुट्टा के नाम से जाना जाता है । इस पहाड़ी से कम से कम 5 किलोमीटर दूर तक किसी ग्रामीण इलाके का वजूद नहीं है । इसी पहाड़ी क्षेत्र को नरवा के कार्य के लिए चुना गया और यहां गेबियन, एलबीसीडी, एसीटी, सीएसबी बनाये गए हैं । वन परिक्षेत्र के डिप्टी रेंजर सुरेश बताते हैं कि नरवा के इस कार्य से ग्रामीण किसानों के खेतों में फसल के लिए पानी की आपूर्ति होगी जबकि आसपास के इलाके में कोई ग्रामीण या कृषि क्षेत्र नहीं है । वहीं इस कार्य मे हुए व्यय की जानकारी भी कम से कम 75 लाख बताई जा रही है ।
मद्देड डिप्टी रेंजर के इस बयान पर सत्ताधारी दल से जुड़े जनपद सदस्य बसंत राव ताटी ने कहा कि इस कार्य से किसी का कोई फायदा नहीं है बल्कि ये शासन के पैसों का दुरुपयोग है । बीजापुर जैसे जिले में वन विभाग का ये कारनामा विभाग के अधिकारियों को शक के दायरे में ले आता है ।

यूकेश चंद्राकर