पत्रकार व लेखक रूपेश कुमार सिंह , उनके वकील मित्र सहित ड्राईवर को हार्डकोर नक्सली बता गिफ्तार किया

बिहार के शेरघाटी पुलिस ने स्वतंत्र पत्रकार और प्रगतिशील लेखक रूपेश कुमार सिंह को हार्डकोर नक्सली बताकर उनके वकील मित्र और ड्राईवर सहित गिफ्तार कर लिया है ।

रूपेश कुमार सिंह

पता चला है कि 4 जून की सुबह रूपेश कुमार सिंह अपने वकील मित्र मिथिलेश कुमार सिंह के साथ रामगढ़ से औरंगाबाद उनके पैतृक गांव जाने के लिए ड्राईवर साथी मोहम्मद कलाम के साथ निकले थे , 4 जून से दोपहर से ही उनका सम्पर्क परिवार से नही था , वे तीनों साथियों के साथ लापता थे । सोशल मीडिया में उनके साथ किसी अप्रिय घटना की संभावना को लेकर पोस्ट भी कई ने वायरल किया था ।

बाद में पता चला कि शेरघाटी के पुलिस ने तीनों साथियों पर गलत आरोप लगाकर गिरफ्तार कर लिया है। रूपेश कुमार सिंह सोशल मीडिया के जाने माने हस्ती है। वे एक स्वतंत्र पत्रकार व प्रगतिशील लेखक हैं, जिन्होंने समाज के अलग-अलग समस्याओं पर बेवाक लिखा है और हमेशा ही न्याय पसंद लोगों के साथ खड़े हुए हैं । उनकी लेखनी निर्भिकता के साथ सरकार और कारपोरेट की मिली भगत से पैदा हुई समस्याओं की पोल खोलती रही है। उन्होंने छात्र- छात्राओं के आंदोलन से लेकर मजदूर आंदोलन, महिलाओं के अधिकार व वकील, पत्रकार, प्रगतिशील, बुद्धिजीवियों पर हमले के खिलाफ खुलकर कविताएँ, लेख, टिप्पणियां लिखी है। उन्होंने आदिवासियों पर होने वाले कारपोरेट हमले के खिलाफ भी अपनी कलम जमकर घीसी है। वे जनता की आवाज के हमेशा समर्थक रहें हैं ।

मिथिलेश कुमार सिंह

वे एक वूरे प्रशाशनिक षड्यंत्र के शिकार हो गये हैं। उन्हें हिरासत में लिए जाने के 48 घण्टे बाद उनपर झूठे आरोप लगाकर गिरफ्तारी बताया जा रहा है । पूरे दो दिन बाद उनकी और अन्य साथियों की गिफ्तारी की घोषणा की गई है । उनका लेपटॉप और फोन भी रामगढ़ पुलिस के कब्जे में है ।

प्रसाशनने उनपर गलत आरोप लगाए है। शायद व्यवस्था को उनकी लेखनी से नुकसान पहुंचता हो। ऐसी अन्यायी व्यवस्था के खिलाफ समाज के लिए लिखने, बोलने वाले के साथ इस प्रकार की घटना का घटना बहुत बड़ा धक्का है इस समाज के लिए । क्या वे और बड़े किसी षड्यंत्र के शिकार हो रहे है क्या यह एक और हमला है न्याय पसंद, सच बोलने वालों के लिए ? जल्द से जल्द उनके पक्ष से खड़ा होना होगा तमाम साथियों से अनुरोध है कि उनके लिए जल्द से जल्द आवाज उठाए।

मोहम्मद कलाम


मैं उम्मीद करती हूँ कि उनके लिए उन लोगों को न्याय दिलाने के लिए के लिए पत्रकार, छात्र नौजवान, वकील, तमाम बुद्धिजीवी, प्रगतिशील जल्द से जल्द सार्थक पहल करें । वे जिस षड्यंत्र के शिकार हुए हैं तो हमें डर है कि उनके साथ कोई गलत रवैया न अपनाया जाए।
इसलिए तमाम साथियों से अपील है अपने साथी के लिए पुलिस से जवाबदेही मांगे। इसके लिए आगे आएं ।

~ Ilika Priy

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