और भरोसा रखिये सरकारें आएंगी जाएंगी अडानी के लिए दलाली चलती रहेगी

आलोक शुक्ला

रायपुर । छत्तीसगढ़ के वनों का विनाश यदि किसी ने किया हैं तो वह हैं वन विभाग । बैगा आदिवासियों का घर जलाने वाले विभाग ने आज तक किसी खनन परियोजना को रोकने का कार्य नही किया। कंपनियों द्वारा मिलने वाले करोड़ो की रिश्वत में एक लाइन लिखा दी जाती हैं कि विभाग को खनन में कोई आपत्ति नही हैं।

रमन सरकार के समय मार्च 2018 में कोरबा क्षेत्र के पातुरिया गिड़मूड़ी कोल ब्लॉक के लिए वन भूमि के डायवर्सन की अनुमति वन विभाग ने जारी कर दी । जबकि यह जंगल बहुत ही समृद्ध और बांगो बांध का केचमेंट हैं । विभाग के ही कई दस्तावेजो में पहले यह जिक्र था कि इस जंगल की कटाई मृदा क्षरण को बढ़ाएगा । जिससे बांगो बांध पर विपरीत असर होगा। इस क्षेत्र में हर साल हाथी आते-जाते रहते हैं । लेकिन अडानी के लिए उसके माइग्रेटरी कॉरिडोर को छुपा दिया गया। जंगल की घनत्वता, जैव विविधता, वन्य प्राणी और निवासरत लोग सभी पर अडानी का मुनाफा भारी हैं ।

” चुनाव से पूर्व वर्तमान भूपेश सरकार की कांग्रेस पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में और तमाम चुनावी भाषणों में वादा किया था कि वह प्रदेश के आदिवासियों के हित में रहेंगे व प्रदेश के जल जंगल के हित में रहेंगे पर इस वादे पर वे खरे नहीं उतरे । सरकार बने अभी साल भर भी नहीं हुआ है कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने बस्तर सरगुजा कोरबा कटघोरा रायगढ़ सहित लाखों हेक्टेयर जमीन जिसमें घने जंगल और पहाड़ हैं को कॉरपोरेट सेक्टर को बेच दिया है । जिसमें से ज्यादातर हिस्सा पूरे देश में राज कर रही कंपनी अदानी का है।”- सम्पदाक भूमकाल समाचार

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