21 साल बाद पीडिया में फिर गूंजी स्कूल की घंटी, 11 गांवों के 539 बच्चों को मिली शिक्षा की नई राह

बीजापुर, 2 जुलाई। लंबे समय तक माओवादी हिंसा के कारण बंद पड़े बीजापुर जिले के पीडिया क्षेत्र के स्कूलों में एक बार फिर बच्चों की चहल-पहल लौट आई है। करीब 21 वर्षों के अंतराल के बाद 11 गांवों के बंद स्कूलों का पुनः संचालन शुरू हुआ, जिससे 539 बच्चों को अब अपने ही गांव में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
प्रवेशोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान शिक्षादूतों को रजिस्टर एवं शिक्षण सामग्री वितरित की गई, जबकि बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया और उन्हें स्कूल बैग, कॉपी, पेन, स्लेट तथा अन्य शैक्षणिक सामग्री प्रदान की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पुनः शुरू हुए विद्यालय पीडिया, पेदापाल, छोटेगोटोडी, कुएम, मदपाल, अंडरी, इडेनार, डोंडीतुमनार, मिरगानघोटूल, गमपुर और तमोड़ी गांवों में स्थित हैं। इन विद्यालयों के खुलने से बच्चों को अब शिक्षा के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा।

जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पांडे ने बताया कि विशेष अभियान के तहत इस वर्ष अब तक जिले में 20 प्राथमिक और 17 उच्च प्राथमिक विद्यालय, यानी कुल 37 बंद स्कूलों का पुनः संचालन शुरू किया जा चुका है। इन स्कूलों में भवन, पेयजल, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है।
कलेक्टर विश्वदीप ने कहा कि जिले के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन क्षेत्रों में शांति और सामान्य स्थिति बहाल हुई है, वहां चरणबद्ध तरीके से बंद स्कूलों को फिर से खोला जा रहा है ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
21 वर्षों बाद पीडिया क्षेत्र में स्कूलों का फिर से खुलना न केवल शिक्षा व्यवस्था की बहाली का संकेत है, बल्कि उन गांवों में सामान्य जीवन की वापसी और बच्चों के बेहतर भविष्य की नई उम्मीद का भी प्रतीक माना जा रहा है। तस्वीरों में भी प्रवेशोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में बच्चों, अभिभावकों और ग्रामीणों की भागीदारी इस बदलाव की झलक दिखाती है।
