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वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति का सरकारी अस्पताल रायपुर ऐम्स बना धार्मिकता फैलाने की जगह

एम्स के डॉक्टर अपनी ज्ञान व क्षमता पर नहीं, भगवान भरोसे कर रहे हैं इलाज

रायपुर ( भूमकाल समाचार ) ।13 जुलाई सावन सोमवार के दिन AIIMS रायपुर छत्तीसगढ़ के भवन भीतर न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के बिल्कुल सामने स्थित शिवलिंग की पूजा कर एम्स के डॉक्टर और स्वास्थ्य स्टाफ ने कोरोना एवं अन्य रोग से मुक्ति की प्रार्थना की ।

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यह शिवलिंग एम्स के मूल भवन के अंदर बनाया गया है। देश का संविधान इस देश को धर्मनिरपेक्ष घोषित करता है।आश्चर्य की बात है कि कोई निजी हॉस्पिटल नही बल्कि आज की तारीख में कोरोना के इलाज का प्रमुख केंद्र एम्स में वैज्ञानिक सोच फैलाने की जगह धार्मिकता व बहुसंख्यकवाद को खुलेआम हवा दिया जा रहा है।

कुछ दिनों पूर्व भी एम्स के एक डॉक्टर द्वारा अंधश्रद्धा का प्रचार करने की बात सामने आई थी। यहां के प्रमुख अधिकारी रहे इस डॉक्टर ने यहां कई बार गायत्री मंत्रों का पाठ और यज्ञ का आयोजन किया था । इस बात की शिकायत भी हुई थी एम्स के भीतर भी बनाए गए शिवलिंग का कई बार विरोध हो चुका है किंतु जिम्मेदार अधिकारियों के कानों पर जूं भी नहीं रेंगती । अगर ऐसा ही रहा तो कुछ दिनों बाद ऐम्स एक वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति के केंद्र के बजाय कहीं किसी धार्मिक स्थल के रूप में पहचान ना बना ले ।

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फोटो : न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के बिल्कुल सामने स्थित शिवलिंग की पूजा करते हुए डॉक्टर और कर्मचारी

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