हिंदूराष्ट्र का पहला सिक्का जारी हुआ

कांग्रेस नेता वोट चोरी के खिलाफ सड़क में व्यस्त
इधर लोकतंत्र खत्म कर हिंदूराष्ट्र बनाने की तैयारी जिस संघ ने आजादी की gलड़ाई में भाग भी नहीं लिया बल्कि उल्टे अंग्रेजों का साथ दिया और जिस संघ को भारत की सरकार ने तीन-तीन बार प्रतिबंध लगाया । जी सरदार पटेल को भाजपा अपना नेता घोषित करने का प्रयास किया इस पटेल ने ही एक बार आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था । आज इसी संघ के 100 साल पूरे होने के अवसर पर लोकतांत्रिक देश के प्रधानमंत्री ने संसद में लिए खुद के शपथ का उल्लंघन कर भारत के संविधान की भावना के विरुद्ध एक धर्म विशेष का चिन्ह दर्शाते हुए सिक्का जारी किया इस सिक्के में भारतमाता एक ऐसे प्रति के का उल्लेख है जिसके हाथ में तिरंगा नहीं बल्कि एक भगवा झंडा है । साथ ही स्पष्ट रूप से आरएसएस के कार्यकर्ताओं को चित्रित किया गया है । इस तरह से अघोषित रूप से भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित कर दिया गया है । इसके कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने एक पत्रकार को दिए इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया था राम मंदिर बाबरी मस्जिद के विवाद में फैसला उन्होंने तर्क और सबूत के आधार पर नहीं बल्कि ईश्वर के निर्देश पर किया था । उत्तर प्रदेश के एक अन्य जस्टिस शेखर यादव ने खुले आम विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रम में अतिथि बनकर मंच में स्वीकार किया था की देश बहुत संख्या को कहे और फैसला उन्हीं के हित से होने चाहिए । देश के प्रधानमंत्री और अन्य कई मंत्री तथा भाजपा के बड़े-बड़े नेता कई मौके को पर हिंदू राष्ट्र बनाने की घोषणा और मुसलमानो के खिलाफ आग उगल चुके हैं । उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के समय विशेष रूप से मुसलमान को चिन्हित करने के लिए उनकी दुकान के आगे नाम लिखना भी अनिवार्य किया जा चुका है । मुसलमान सड़क में या सार्वजनिक स्थान में नमाज भी नहीं पढ़ सकते जो बिना किसी हंगामा के होता है, पर हिंदुओं को कभी कांवर यात्रा कवि गणेश विसर्जन कभी दुर्गा विसर्जन और भी कई त्यौहार के मौके पर सड़क में हंगामा करने की सड़क को जाम करने की छूट रहती है । उमर खालिद जैसे कई नौजवान केवल मुसलमान होने की वजह से न्याय से वंचित हैं और जेल के भीतर बंद है और हजारों की संख्या में ऐसे नौजवान अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय जेल में काटकर निर्दोष बरी हो चुके हैं । कुल मिलाकर देश पूरी तरह से हिंदू राष्ट्र की ओर बढ़ चुका है और निश्चित रूप से इसका परिणाम बहुत गंभीर हो सकता है देश फिर खंड-खंड हो सकता है । देश को देश की तमाम अलग-अलग संस्कृति अलग-अलग भाषा अलग-अलग क्षेत्र के लोगों की एकता के लिए जो काम कर रहे हैं उन पर उल्टा आरोप लगाते हैं टुकड़े-टुकड़े गैंग जैसे संबोधन उपयोग करते हैं जबकि ये खुद देश को टुकड़े-टुकड़े करने की ओर बढ़ रहे हैं । ऐसे गंभीर समय पर कांग्रेस वोट चोरी जैसे मुद्दों में उलझी हुई है जबकि वर्तमान सरकार देश के सभी संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा कर चुका है और इन सभी संस्थाओं में आरएसएस से निकले हुए लोग या कट्टर हिंदुत्व वाले लोगों को सरकार चुकी है ।

सबसे खतरनाक बात तो यह है कि देश की सेना का भी संप्रदायीकरण किया जा रहा है , युद्ध संबंधी नीतियों पर सेना के अधिकारियों से जबरदस्ती बयान दिलवाये जा रहे हैं । साथ ही अभी 44 ऐसे सैनिक स्कूल देश भर में चलाने जा रहे हैं जिसका संचालन संघ से जुड़े संस्थाओं को सौंप दिया गया है ।
