Home SliderTop Newsछत्तीसगढ़देशबस्तरराजनीति

सुशील शर्मा की गिरफ्तारी का मामला राज्यपाल तक पहुंचा बिलासपुर के पत्रकारों ने भी उठाई आवाज,,,, ।

IMG 20200602 WA0016

बस्तर बन्धु के संपादक /प्रकाशक, वरिष्ठ पत्रकार सुशील शर्मा की एक तरफा नाजायज गिरफ्तारी का मामला अब धीरे-धीरे अखिल भारतीय रूप लेता जा रहा है। आज बिलासपुर के पत्रकारों ने भी अपनी आवाज बुलंद करते हुए उक्त मामले में पुलिस की ज्यादती को लेकर छत्तीसगढ़ की राज्यपाल महामहिम अनुसूया उइके को अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति छत्तीसगढ़ की ओर से जोरदार शब्दावली में ज्ञापन सौंपा है जिसमें वरिष्ठतम पत्रकार बस्तर बन्धु के संपादक सुशील शर्मा जी की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए उनके मामले की सूक्ष्म तथा निष्पक्ष जांच करवा कर उनके साथ न्याय करने की अपील की गई है । यह ज्ञापन बिलासपुर कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को दिया गया है, साथ ही एक ऐसा ही ज्ञापन प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी को भी बिलासपुर कलेक्टर के माध्यम से प्रेषित किया गया है ज्ञापन में इस बात का प्रबल विरोध किया गया है कि एक ओर तो छत्तीसगढ़ सरकार, पत्रकार सुरक्षा कानून की बात करती है और दूसरी ओर उसकी ही पुलिस छत्तीसगढ़ के पत्रकारों को डराने के लिए सीधे एफ आई आर दर्ज कर रही है, बिना सत्य तथ्य जाने बिना किसी जांच के पत्रकारों पर आरोप लगाए जा रहे हैं। सुशील शर्मा जी जैसे 45 वर्ष पुराने पत्रकार पर भी ऐसी धाराओं में रिपोर्ट लिखकर बिना जांच गिरफ्तारी कर ली गई है, जिन धाराओं का इस मामले से दूरदराज का भी वास्ता नहीं है। पुलिस की ऐसी हरकत से न केवल छत्तीसगढ़ पुलिस बल्कि छत्तीसगढ़ शासन की मंशा पर भी प्रश्न चिन्ह लग गया है। ज्ञापन में शासन के 2 आदेशों का उल्लेख किया गया है जो कि सन् 2005 तथा 2016 के हैं ,जिनमें स्पष्ट निर्देश है कि जब तक पत्रकार सुरक्षा कानून पूर्णतः नहीं बन जाता, तब तक पत्रकारों पर कोई ज्यादती ना करते हुए उनके विरुद्ध जो भी प्रकरण हो या आरोप हो, उनकी जांच पहले उच्च स्तरीय अधिकारियों से करवा ली जाए, स्पष्ट है कि कांकेर में सुशील शर्मा जी के साथ जो कुछ भी हुआ है, वह सन् 2005 तथा 2016 के उपरोक्त दिशा-निर्देशों का साफ-साफ उल्लंघन है । ज्ञापन में मांग की गई है कि सुशील शर्मा जी को गिरफ्तार करने वाले अधिकारी के विरुद्ध जांच कर कार्यवाही की जाए । ज्ञापन अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष श्री गोविंद शर्मा गौर के हस्ताक्षर से जारी हुआ है, जिस पर अन्य पदाधिकारियों तथा पत्रकारों के भी हस्ताक्षर हैं ।

IMG 20200602 WA0017


ज्ञातव्य है कि विगत 20 मई को संपादक सुशील शर्मा जी को एक महिला अधिकारी की रिपोर्ट पर रायपुर की पुलिस ने कांकेर आकर गिरफ्तार कर मानसिक यातना पहुंचाई थी जोकि सारे भारत में इस प्रकार का पहला मामला है, जिसमें पुलिस ने न तो सत्य जानने की कोशिश की थी और ना न्यायिक क्षेत्र का ही कोई ख्याल किया था।
यही कारण है कि इस घटना की खबर मिलते ही सारे छत्तीसगढ़ के कोने-कोने के पत्रकार बंधु आंदोलित हो रहे हैं तथा पुलिस एवं छत्तीसगढ़ शासन का जोरदार शब्दों में विरोध कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *