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भ्र्ष्टाचार पर भ्र्ष्टाचार, भृष्टाचारों की सरकार ? ऐसा लग रहा कि कांग्रेसियों को लग रहा कि दुबारा नही आनी उनकी बारी

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यूकेश चंद्राकर

बीजापुर (भूमकाल समाचार ) – छोटी सी जगह है, छोटा सा विधानसभा क्षेत्र है बीजापुर साथ ही आदिवासी बाहुल्य जिला भी । विधायक की सीट आरक्षित है, मतलब ये कि आदिवासियों का विकास आदिवासियों का चुना आदिवासी विधायक करेगा ! भाजपा से 15 साल महेश गागड़ा ने राज करते हुए संसदीय सचिव से लेकर वन विधि एवं विधायी मंत्री तक का सफर इसी बीजापुर से शुरू किया था आजकल विपक्ष में रहकर, काँग्रेस से विधायक विक्रम मंडावी के खिलाफ रणनीति बना रहे हैं । उनके करीबी और भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार ने आज सुबह प्रेस नोट जारी कर विक्रम मंडावी को जनता के साथ धोखा करने और भृष्टाचार में संलिप्त होने के आरोपों के बीच खड़ा किया । इसके जवाब में काँग्रेस की तरफ से कमलेश कारम जो कि जिला पंचायत उपाध्यक्ष हैं, की लिखी एक प्रेस विज्ञप्ति बीजापुर के कांग्रेसी प्रवक्ता ज्योति कुमार ने जारी की है । दोनों के बीच वार-पलटवार चल रहा है । दोनों की राजनीति चमक रही है ।
मुद्दा ये है कि भ्र्ष्टाचार हुआ है आवापल्ली-उसूर सड़क निर्माण में, आरोप भाजपा (विपक्ष) ने विधायक मंडावी पर लगाया और साथ ही ये भी कहा कि ये सड़क महेश गागड़ा के प्रयासों से स्वीकृत हुई थी जिसका श्रेय विक्रम मंडावी लेने की कोशिश कर रहे हैं । इस पर कमलेश कारम ने भाजपा से पूछा कि 15 साल महेश गागड़ा विधायक थे तो उन्होंने तब ये सड़क क्यों नहीं बनवाई ! कमलेश कहते हैं कि भाजपा के लोगों को लगता है कि सड़क गुणवत्ताहीन है तो इसकी लिखित शिकायत कलेक्टर से करनी चाहिए जबकि ऐसा न कर भाजपा मीडिया में बने रहना चाहती है । कमलेश कारम ने लिखा कि “भाजपा के लोगों को लगता है सड़क गुणवत्ताहीन..” जबकि श्रीनिवास मुदलियार ने प्रेस नोट के साथ जो तस्वीर शेयर की है उससे साफ है कि सड़क की हालत जर्जर है । कमलेश कारम ने आगे लिखा कि कलेक्टर को लिखित दी जाती शिकायत, जबकि श्रीनिवास मुदलियार ने जारी प्रेस नोट में प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की जांच की जाए और एफ.आई.आर. कर कानूनी कार्रवाही की जाए । दोनों के प्रेस नोट में एक बात की समानता ये भी है, कि दोनों ही अपने सरकारों की तारीफों के पुल बांध रहे हैं ।

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बीजापुर जिले में हो रहे भृष्टाचारों के तह में जाने के लिए बीते डेढ़ वर्ष में पीएमजीएसवाई की सड़कों में हुए भृष्टाचारों की खबरों का रुख करना ज़रूरी है । इस विभाग में जिस पैमाने पर भ्र्ष्टाचार हुए हैं, उन मामलों को भी भाजपा ने गंभीरता से उठाया और सरकार को जमकर घेरते हुए विधायक विक्रम मंडावी को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया था । उदाहरण, बीजापुर-गंगालूर-हिरोली मार्ग । जिसका 44 करोड़ रुपयों से डामरीकरण कराया गया था और डामर की चादर उंगलियों से उखड़ने लगी थी, तब विधायक विक्रम मंडावी की उंगली डालकर सड़क की गुणवत्ता जांचने की तस्वीर सभी ने देखी थी । इसके बाद इस सड़क के सब इंजीनियर सतानंद महिकवार को सस्पेंड कर दिया गया था । सोचने की बात ये रही कि सस्पेंड हुए पखवाड़े भर का वक़्त भी नहीं गुजरा था और महिकवार बहाल होकर वापस आ गए और तो और इस सड़क के लिए 6 करोड़ रुपये और स्वीकृत कर लिए गए । पीएमजीएसवाई की सभी सड़कों पर भ्र्ष्टाचार के ऐसे कारनामे सफर करते हैं कि इन पर सत्तासीन काँग्रेस और विपक्ष याने भाजपा की राजनीत की बुलेट ट्रेनें दौड़तीं हैं । वो दौर गुज़र गया, भाजपा-काँग्रेस में जमकर बयानबाजियां चलीं, अखबारों, चैनलों और पोर्टलों पर पर खबरें पुरानी हो गईं । केंद्र से तीन बार जांच दल आने, सर्किट हाउस में ठहरने और चले जाने की बातें उजागर हुईं लेकिन कार्रवाही के नाम पर कोई कड़ा रुख देखने को नहीं मिला ।
पीडब्ल्यूडी के जिस सड़क पर आज भाजपा-काँग्रेस की बयानबाजियां चल रहीं हैं उनमें भाजपा का कहना है कि जिला प्रशासन इस सड़क के निर्माण कार्य की जांच कर जिम्मेदारों पर एफ आई आर दर्ज करे अन्यथा भाजपा इस सड़क को लेकर आंदोलन करेगी ।
मुदलियार से पीएमजीएसवाई में हुए भृष्टाचारों पर कार्रवाहियां क्यों नहीं होती, जब ये सवाल हमने पूछा तो उन्होंने शीघ्र कार्रवाही होने की बात कही है जो समझ के परे है कि किस बूते, किस आधार पर मुदलियार शीघ्र कार्रवाही की बात करते हैं ! क्या वे खुद याचिका दायर करेंगे या कोई बड़ा आंदोलन भाजपा जिले में चलाने वाली है ? कमलेश कारम के प्रेस नोट के बाद उनसे भी एक सवाल किया जाना चाहिए कि क्या जिले में हो रहे भृष्टाचारों के लिए भी भाजपा जिम्मेदार है, या सरकार चलाने के लिए भ्र्ष्टाचार ज़रूरी हैं ?

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यूकेश चंद्राकर

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