देश

नफरत और हिंसा का इस्तेमाल जनता की एकता तोड़ने के लिए : शैली व्याख्यान माला में बोलीं सुभाषिणी अली

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की पूर्व सांसद, अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की उपाध्यक्षा तथा नेताजी सुभाषचंद्र बोस की आज़ाद हिन्द...

हाल के दौर में जमकर लड़ी है देश की जनता, इन संघर्षों को आगे बढ़ाना ही होगा : शैली स्मृति व्याख्यान में बोले डॉ. ढवले

"आदरांजलि देने का काम सिर्फ शब्दों से नहीं किया जाता। सच्ची आदरांजलि उस रास्ते पर चलकर दी जाती है, जिसे...

लुप्त होती पत्रकारिता और छीजता मीडिया : भारतीय मीडिया मुनाफे की तिजोरी का बंदी, यह सिस्टम की विफलता नहीं है, बल्कि यही सिस्टम है — शैली स्मृति व्याख्यान में बोले पी साईनाथ

शैलेन्द्र शैली स्मृति व्याख्यान-2021 में देश के सिद्ध और दुनिया के प्रसिद्ध पत्रकार पी साईनाथ ने "लुप्त होती पत्रकारिता और...

साहित्य हमेशा मोर्चे पर रहता है : शैलेन्द्र शैली स्मृति व्याख्यान-2021 के परिसंवाद में बोले साहित्यकार

"साहित्य हमेशा मोर्चे पर रहता है " -- शैलेन्द्र शैली स्मृति व्याख्यान-2021 के परिसंवाद में देश के वरिष्ठ साहित्यिक हस्ताक्षरों...

अखबार की आड़ में दैनिक भास्कर ग्रुप के गोरख धंधे ?

सात मंजिला अवैध इमारत दैनिक भास्कर रायपुर की। नारायण शर्मा की रिपोर्ट रायपुर। दैनिक भास्कर रायपुर को रजबन्धा मैदान में...

दैनिक भास्कर : मसला सेठ का नहीं, प्रेस का है

बादल सरोज आखिरकार पिछले पखवाड़े देश के प्रमुख हिंदी अखबार दैनिक भास्कर पर मोदी-शाह के इनकम टैक्स और सीबीडीटी के...

जमीन लूट का रास्ता साफ करने के प्रोपेगेंडे-निशाने पर पत्रकार

सर्विलांस पर जनपक्षीय पत्रकार--वेब पोर्टल द वायर में कल एक खबर छपी। खबर चौकानें वाली थी। इजराइाल की एक सर्विलांस...

पहले से अधिक अमानवीय परिस्थियों के विरुद्ध रचनात्मक प्रतिरोध- ‘एक देश बारह दुनिया’

ऐसे समय जब 'नगरीय नक्सली' प्रायोजित प्रताड़ना का पर्याय बन चुका है, जहां असहमतियों को कुचलने की प्रक्रिया पहले से...

ब्रा, बूब्स, हेमांगी, नानगेली, बेला और इतर महिलाएं

(फ़ोटो सोर्स - इंटरनेट) शताली शेडमाके महिलाएं क्या पहनें क्या न पहनें इसका निर्णय हमेशा समाज के लोग ही लेते...

अलविदा फ़ादर स्टेन स्वामी ! तनी मुठ्ठियों के साथ आपको आखिरी इंक़लाबी सलाम !!

84 वर्षीय प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता स्टेन स्वामी की मृत्यु देश की तानाशाही सरकार व बिकी- झुकी न्याय व्यवस्था द्वारा की...