संपादकीय

संघी जनतंत्र में आदिवासी-दमन की व्यथा-कथा : संजय पराते

आदिवासियों पर यह कोई छोटा-मोटा हमला नहीं है. पिछले दस सालों में बस्तर में 3500 से ज्यादा आदिवासियों की हत्या...

न्यायालय को है इस देश में आरोप तय करने और सजा देने का अधिकार ?

बड़े षड्यंत्र की बू आ रही है | इनके खिलाफ अभी मामला न्यायलय में था , हो सकता है वे...

भारत और पाकिस्तान की मेहनतकश आवाम के नाम अपील: उदय Che

आज युद्ध का उन्माद जोरो पर है। प्रत्येक न्यूज चैनल, अख़बार खबरे ऐसे पेश कर रहे है जैसे युद्ध चल...

इंसानियत के दुश्मनों को सजा तो मिलनी ही चाहिए

निर्दोष आदिवासियों के हत्या के आरोपी एसपी राजेंद्र नारायण दास और शिव राम प्रसाद कल्लूरी ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर...

​ताड़मेटला कांड ‘मानवद्रोही’ भाजपा सरकार हो बर्खास्त :माकपा

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा है कि सीबीआई द्वारा सुप्रीम कोर्ट में पेश चार्जशीट से साफ़ हो गया है कि...

माओवाद एक उपयुक्त नकाब :रोहित प्रसाद

रोहित प्रसाद : स्वतंत्र लेखक विश्वास किया जाता है कि भारत के ८० जिलों में माओवादियों का विशेष प्रभाव है...

क्या बड़े विद्रोहों को आमंत्रण देगा बड़कागांव गोलीकांड?

रूपेश कुमार सिंह @ स्वतंत्र पत्रकार झारखंड के हजारीबाग जिलान्तर्गत बड़कागांव थाना के चीरूडीह में ‘‘कफन सत्याग्रह’’ पर बैठे सत्याग्रहियों पर...

सर्जिकल स्ट्राइक बनाम मीडिया : सुनील कुमार

सर्जिकल स्ट्राइक बनाम मीडिया : सुनील कुमार (स्वतंत्र लेखक एवं सामाजिक कार्यकर्ता) मीडिया के वार रूम से कुछ सवाल  आज कल भारत...