मोदी के अय्याशी के किस्से उनके आत्मकथा का ही हिस्सा होना था, पर आत्मकथा लिखने वाली ने तब उसे लिखा नहीं

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मोदी जी की अय्याशी के किस्से उनकी बायोग्राफी लिखने वाली लेखिका मधु पूर्णिमा जी ने अपनी एक अकाउंट से शेयर की देखो भक्तों अपने पापा की करतूत को….

यही बताता है कि मैंने मई 2014 में मोदी के सत्ता संभालने के समय से ही उनसे दूरी बनाए रखी। मैं तो उन्हें अपनी किताब की एक प्रति देने भी नहीं गई। बस उनकी पसंदीदा नौकरशाह भारत लाल के माध्यम से एक बिना हस्ताक्षर वाली प्रति भेज दी।

उन महिलाओं के नाम, जिन्हें मोदी के साथ नजदीकी के कारण सांसद और मंत्री बनाया गया, सत्ता नेटवर्क के भीतर शुरुआत से ही चर्चा में थे। यही कारण है कि मैंने बहुत पहले ही सावधानी बरतनी शुरू कर दी थी।

हर्दीप पुरी जैसे लोगों के नाम भी, जिन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्हें विशेष सेवाएं प्रदान की थीं, कैबिनेट में शामिल होने के बाद चर्चा में आए।

2014 में जब मैं अमेरिका व्याख्यान के लिए गई, वहां भी उनके निजी जीवन से जुड़ी कहानियां चर्चा में थीं।

12वीं पास स्मृति ईरानी को शिक्षा मंत्री बनाए जाने से पहले से छिपे विवादों को और बल मिला।

मानसी सोनी से जुड़ा मामला पहले ही सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका था।

गुजरात के लोगों, यहां तक कि उनके कुछ करीबी लोगों ने भी महिलाओं से जुड़े उनके कथित संबंधों की आपत्तिजनक कहानियां साझा की चाहे वह उनके मुख्यमंत्री रहने के समय की हों या उससे पहले प्रचारक और भाजपा पदाधिकारी के रूप में।

इन सब बातों से मैं इतनी असहज हो गई कि मैंने उन कार्यक्रमों से भी दूरी बना ली, जहां उनके आने की संभावना होती थी।

इन घटनाओं का मुझ पर इतना गहरा असर पड़ा कि मैं अवसाद में चली गई और स्वास्थ्य पर भी असर पड़ा।

मेरा मानना है कि नेताओं के निजी आचरण, खासकर नैतिक और व्यक्तिगत व्यवहार, पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए क्योंकि ऐसे मामलों में समझौता करने वाले लोग आसानी से दबाव या ब्लैकमेल के शिकार हो सकते हैं।

मैं जल्द ही इस बात के प्रमाण भी दूंगी कि किस प्रकार शुरुआत से ही दबाव बनाया गया।”

✍️ लेखिका:

Madhu Purnima Kishwar
मोदी की आत्मकथा

🔗 Original Source:

लेखिका ने यह अनुभव स्वयं X (Twitter) पर साझा किया है — आप इस लिंक पर देख सकते हैं:

अब सच सामने है…
अंधभक्ति से ऊपर उठकर सवाल पूछने का समय है।

नोट: दी गई जानकारी लेखिका के अपने अनुभव पर आधारित है। इसमें मेरी तरफ से कोई फेरबदल नहीं किया गया है।

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Madhu Purnima Kishwar

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