पुलवामा हमले की जांच कर रहे थे तंजील अहमद, हत्यारे हुए बरी

DSP तंजीम अहमद पुलवामा अटैक का जांच अधिकारी था पुलवामा हमले में अर्धसैनिक बलों CRPF के 45 जवानों की हत्या कर दी गईं थी।
इस जघन्य हत्याकांड में 45 जवानों की हत्या के संबंध में जांच अधिकारी तंजीम अहमद को महत्वपूर्ण सूचना हाथ लगी थी। जिसे सरकार में बैठे कुछ महत्वपूर्ण लोगो को यह बात नागवार लगी उन्हें लगने लगा कि इस हमले का राजदार हमारे अलावा कोई ओर भी हैं।
घर छुट्टी पर आए पारिवारिक शादी समारोह में शामिल होने रात अपने घर से जा रहे थे रास्ते में धुप अंधेरे में हत्यारे घात लगाए बैठे थे गाड़ी रोककर ताबड़तोड़ गोली चलाते हुए पुलवामा हमले का राजदार जांच अधिकारी को हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया गया । हत्याकांड में इस्तेमाल हथियार भारत में आम लोगों की पहुंच से दूर है इसे केवल सेना ही महत्वपूर्ण स्पेशल ऑपरेशन में करती हैं।
अब तुम्हे तो ये भी नहीं पता होगा कि पुलवामा हमले में इस्तेमाल किए गए 300 kg RDX विस्फोटक कहां से आया फिर तंजीम अहमद हत्याकांड में इस्तेमाल पिस्टल कहां से आई होगी ये भी नहीं पता चलेगा । वैसे कोर्ट से निर्दोष बलि के बकरे को सबूतों के अभाव में छोड़कर अच्छा ही किया।
