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कोयले के काले खेल में प्रशासन और पुलिस की संदिग्ध भूमिका

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नीतिन सिन्हा की रिपोर्ट

रायगढ़ । गोदावरी समुह के द्वारा इन दिनों भुपदेवपुर रेल्वे साइडिंग से कोयले की ट्रांसपोर्टिंग की जा रही है। इस विषय मे कोल ट्रांसपोर्टरों के द्वारा भारी मात्रा में कोयले की अफरा-तफरी जारी है। यद्यपि हेरफेर के इस खेल की जानकारी कथित तौर पर जिला खनिज विभाग के अलावा पुलिस प्रशासन को भी है। फिर भी कार्रवाही क्यों नही की गई यह यक्ष प्रश्न है.?
अब तक मिली जानकारी के अनुसार यहां भूपदेवपुर साइडिंग से 10 किमी दूर ओमैक्स लोड लेकर जा रही गाड़ियों में 9 किमी तक माल की ढुलाई tp में खेल कर हो रही है।

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 इधर एक किलोमीटर की ऑनलाइन पर्ची भी अतिरिक्त दी जा रही है। इस बात की जानकारी प्रेस को मिलने पर पत्रकारों ने थाना प्रभारी भूपदेवपुर और जिला खनिज अधिकारी एस.एन. नाग का पक्ष जानना चाहा तो तो *टी आई भूपदेवपुर उत्तम साहू ने माना कि कुछ गड़बड़ है। जिसकी जांच करने के लिए वो खुद जा रहे हैं। वहीं जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि ओमैक्स को कल विभाग के द्वारा मैनुवल ltp(लोकल ट्रांजिट पास)* दे दिया गया है। अब इसमें गलत होने की कोई संभावना नही है। जबकि उन्होंने यह नही बताया कि *जिन्हें विभाग के द्वारा मैनुवल l.t.p. दी गई है,वहां से ओमैक्स से  ऑनलाइन t.p. किस अधिकार पर काटा जा रहा है।* 

कोयले की अफरा-तफरी के खेल में एक और बड़ा मामला तब प्रकाश में आया है जब एक ट्रांसपोर्टर अपने वाहन cg 13 d 9680 में 25 टन की रॉयल्टी पर्ची के मिलने के बाद भी 30 टन कोयला लोड ले कर निकला है। ऐसा किया जाना पूर्णतः अवैधानिक है। जो सीधे तौर पर 5 टन कोयले की हेराफेरी का मामला परिलक्षित हो रहा है। वही दूसरी बडी बात यह सामने आई कि बिना कांटा किये सम्बन्धित गाड़ियों की मैनुवल पर्ची बनाई जा रही है,ऐसा किया जाना भी सन्देहास्पद है। इतना ही नही गोदावरी ट्रांसपोर्टर के द्वारा एक ही गाड़ी की दो पर्ची का इस्तेमाल किया जाना भी जांच का विषय है। उन्हें एक ही गाड़ी(cg11a6066) में दो पर्ची पहला मैनुवल और दूसरा ऑनलाइन पर्ची क्यों दिया जा रहा है.?? समय रहते इस कृत्य का संज्ञान लिया जाना चाहिए। दोनो तरीके की पर्ची जारी करके खुलेआम कोयले की हेराफेरी की प्रमाणित जानकारी भी मीडिया के पास है।

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 बताया जा रहा है कि कोयले की हेराफेरी के इस बड़े खेल में ntpc लारा के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी सन्दिग्ध है। खबर तो यह भी है कि इनके द्वारा ओमैक्स के साइड में बड़े पैमाने पर पूर्व से ही छाई कोयला भी डंप किया गया है। जिसका दुरुपयोग कोयला  हेराफेरी के इस बड़े खेल में मिलावट के तौर पर किया जाना है।। अब देखना यह है कि इतने बड़े खुलासे के बाद जिला खनिज विभाग और जिला पुलिस प्रशासन कथित कोल ट्रांसपोर्टर के काले कारनामे को आगे कब तक संरक्षण देता है।

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