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ईरान ने कल रात अपनी #तबाही ख़ुद लिखीशांति के रास्ते से बहुत दूर हैं नया

ईरान को नया ख़ामेनेई मिला है। आज वह ईरान का सुप्रीम धार्मिक नेता है।

अयातुल्लाह ख़ामेनेई का बेटा, मुज़्तबा हुसैनी। अयातुल्लाह का सबसे बड़ा बेटा।

इजरायली हमलों के बीच 88 मौलवियों ने IRGC की बंदूकों के नीचे मुज़्तबा को सुप्रीम लीडर चुना है।

इराक के साथ जंग में लड़ चुके मुज्तबा IRGC के पुराने सिपाही और बेसिज़ (अर्धसैन्य बल) के मेंबर हैं।

वे अराफी की जगह लेंगे, जो उग्रवाद समर्थक हैं।

मुज्तबा वही हैं, जिन्होंने 2009 में ईरान की बगावत को सख़्ती से कुचला। लोगों को सड़क पर खींचकर मारा गया। फिर क्रेन्स पर लटका दिया गया।

औरतों के साथ बलात्कार हुए। मुज्तबा मानते हैं कि ईरान को बेसिज और अपने प्रॉक्सीज को और मजबूत करना चाहिए।

वे अमेरिका से बेहद नफ़रत करते हैं। उनका लोकतंत्र में कम और कट्टरपंथ पर ज्यादा यकीन है।

मुज्तबा को अपने पिता की हत्या का बदला लेना है। ईरान की शिया कौम गुस्साई हुई है और मुज्तबा चाहते हैं कि बेसिज और प्रॉक्सीज को आगे कर बदला लिया जाए।

जिस अयातुल्लाह ने 36 साल ईरान के परमाणु बम को रोककर रखा, ख़िलाफत में फतवा तक जारी किया, उसे पलटने की पूरी तैयारी है।

ईरान की जंग अब क्षेत्रीय लड़ाई है। अमेरिका यहां लंबे समय के लिए फंस चुका है और मुज्तबा के पंजे उसे निकलने नहीं देंगे।

ईरान ने कल रात अपनी तबाही ख़ुद लिखी है। मुज्तबा की ताजपोशी बगावत की आग और भड़काएगी।

ईरान पर कल भयंकर बमबारी हुई है। लड़ाई और तेज़ होगी।