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अयातुल्लाह ख़ामेनेई : घर का भेदी लंका ढाए

86 साल के इस नेता को बखूबी पता था कि अमेरिकी इंटेलीजेंस एजेंसी CIA उनकी जान के पीछे पड़ी है।

उनका घर एक भूल–भुलैया था। घर के नीचे कई सुरंगें। सभी भूल–भुलैया जैसी। आपस में जुड़ी हुई।

सारे ईरानी अफ़सर या ख़ामेनेई की कैबिनेट के मंत्री तक को आंख में पट्टी बांधकर उन तक पहुंचाया जाता।

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारिजानी को भी आंख में पट्टी बांधी जाती।

ख़ामेनेई के पर्सनल बॉडीगार्ड IGRC के छंटे हुए लोग थे। इतने आशंकित कि किसी को भी ख़ामेनेई के पास फटकने तक नहीं देते थे।

ख़ामेनेई अपने सीक्रेट बंकर में रहते थे। बीते साल इजरायल से 12 दिन की लड़ाई में भी वह बंकर में ही रहे।

उस बंकर तक कई सुरंगें जाती हैं। ईरान के एक आला अफसर बताते हैं कि उनके बंकर को तोड़ना सिर्फ़ अमेरिका के बूते की ही बात थी।

पिछले जून में CIA ने जाना कि बंकर में जाने के बाद IGRC और ख़ामेनेई कैसे संपर्क करते हैं।

फिर CIA ने कई मॉडल बनाए। हर टनल का हिसाब रखा। 17 जून 2025 को राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा–मुझे मालूम है कि ख़ामेनेई कहां है। वह आसानी से मारा जा सकता है। लेकिन इस बार नहीं।

10 दिन बाद फिर कहा–मैंने ख़ामेनेई को एक विद्रूप मौत से बचा लिया।

8 महीने बाद ख़ामेनेई का बंकर जमीन के और नीचे बनाया गया। इतना नीचे कि अमेरिका भी न तोड़ सके।

लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंज़ूर था।

न्यूयॉर्क टाइम्स लिखता है–ख़ामेनेई को बंकर से निकलना जरूरी था।

इसीलिए, जब मोसाद के खबरी ने बताया कि ख़ामेनेई शनिवार सुबह अपने आर्मी कमांडरों से बैठक करेंगे तो अमेरिका ने कहा–रात का इंतज़ार मत करो। सुबह ही मार डालो।

वह बैठक बंकर में नहीं, ख़ामेनेई के घर में हुई थी। अमेरिका ने टॉमहॉक मिसाइलों में 60 फीट नीचे बंकर बस्टर बम लगाकर भेजा।

जब आप हर पल अमेरिकी उपग्रहों की नज़र में हों तो आंखों पर पट्टी बांधने का कोई फायदा नहीं।

घर का भेदी लंका ढाए।