कांकेर । छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में अंतागढ़ तहसील के ग्राम कलगाँव में रावघाट लौह प्रोजेक्ट के तहत 30 से अधिक परिवारों को बेदखली के नोटिस प्राप्त होने के बाद भूमकाल समाचार संवाददाता तामेश्वर सिन्हा द्वारा कलगांव पहुंच कर तहसीलदार द्वारा बेदखली का ग्रामीणों को नोटिस के सम्बंध में ग्राउंड रिपोर्ट के बाद छत्तीसगढ़ भूपेश सरकार हरकत में आई।
मुख्यमंत्री के संसदीय सचिव राजेश तिवारी ने कहा कि आदिवासियों को जमीन से भगाने का काम पूर्व बीजेपी की रमन सरकार ने किया था, हम आदिवासियों के साथ खड़े है , पांचवी अनुसूचित क्षेत्र में कानून एवं आदिवासियों के अधिकारों का पूरा ख्याल रखा जाएगा, यही नही आचार संहिता खत्म होने के बाद तत्काल इस फरमान को लेकर रोक लगाया जाएगा और अब तक जो भी प्रशानिक अधिकारी नियम कानून के विपरीत इस बेदखली में शामिल है उन पर कठोर कार्यवाही किया जाएगा।
बता दे कि रमन सरकार के कार्यकाल में इसी गाँव की जंगल भूमि को 2017 में भिलाई इस्पात संयत्र (बीएसपी) को “अदला बदली” की फर्जी और गैर कानूनी प्रक्रिया के अन्तर्गत हस्तांतरित किया था, जिस पर तब कांग्रेस पार्टी द्वारा इसी प्रक्रिया को गैर संवैधानिक और पेसा कानून 1996 के सिद्धान्तों के विपरीत बताया गया था,

