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निवेशकों के साथ धोखघड़ी करने वाली चिटफंड कंपनी के प्रमुख पूर्व मुख्यमंत्री पुत्र अभिषेक सहित 20 के खिलाफ अपराध दर्ज करने कोर्ट ने दिया आदेश

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रायपुर । पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के बेटे और पूर्व सांसद अभिषेक सिंह पर चिटफंड कंपनी अनमोल इंडिया द्वारा निवेशकों के साथ धोखा किये जाने के मामले में कोर्ट ने अपराध दर्ज करने के आदेश दिए हैं। अभिषेक के अलावा राजनांदगांव के पूर्व महापौर नरेश डाकलिया और पूर्व सांसद मधुसुदन यादव समेत 20 लोगों पर भी अपराध दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं । *

*विशेष सत्र न्यायाधीश अम्बिकापुर ने पूर्व सांसद अभिषेक सिंह के खिलाफ 20 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। ताज़ा फैसले के मुताबिक अदालत ने धारा 156(3) पर संगीता सोनी अधिवक्ता को सुना और पाया कि अनमोल इंडिया कम्पनी जिसका हेड ऑफिस भायंदर वेस्ट ठाणे में है। इस कम्पनी की छत्तीसगढ़ में कई शाखा ऑफिस है। इस कंपनी पर धारा 420,406,467,468,471,120 बी 384 के तहत कई लोगों ने आरोप लगाये है, जिसके कोर सदस्यों में अभिषेक सिंह समेत राजनांदगांव के पूर्व महापौर नरेश डाकलिया और पूर्व सांसद मधुसुदन यादव समेत 20 लोगों पर भी अपराध दर्ज करने के आदेश कोर्ट ने दिए हैं। *

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि पिछले 15 सालों में भाजपा शासन में छत्तीसगढ़ प्रदेश की भोली-भाली जनता को सुनियोजित तरीके से भारतीय जनता पार्टी की पूर्ववती रमन सरकार द्वारा लूटा जा रहा था उनके खून पसीने और मेहनत की गाढ़ी कमाई को प्रदेश से बाहर भेजने का भी षड्यंत्र किया जा रहा था। जिसमें कि तकरीबन दस हजार करोड़ से भी ज्यादा की राशि प्रदेश से बाहर भेजी गई थी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने विधानसभा और सार्वजनिक सभाओं में भी बताया था कि इस चिटफंड कंपनी के लूट के पीछे भाजपा सरकार के सत्ता के शीर्ष पदों में बैठे लोग और उनके परिजन शामिल हैं।

प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि भाजपा सरकार के समय सत्ता के शिखर पर पद आसीन लोगों के संरक्षण में ही राज्य के लाखों करोड़ों गरीबों एवं उनके परिवार की जीवन भर की अरबों रुपए की जमा पूंजी लूटकर भागने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई प्रारंभ होने से राज्य के गरीब वह में खुशी की लहर व्याप्त है। उसमें राज्य के गरीबों के हितों पर डाका डालने वालों को शीघ्र न्याय मिलने की आशा भी जागृत हुई है । हाल में ही विशेष न्यायालय अंबिकापुर के द्वारा एक चिटफंड कंपनी द्वारा ठगे गए व्यक्ति ज्ञान दास निवासी ग्राम सुमेरपुर लुण्ड्रा के आवेदन पर 20 से अधिक अभियुक्तों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच करने का आदेश पुलिस विभाग को दिया गया है। जिसमें की भाजपा सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के पुत्र पूर्व सांसद अभिषेक सिंह और नांदगांव के पूर्व भाजपा के महापौर रहे मधुसूदन यादव को आवेदक ज्ञान दास के आवेदन अंतर्गत धारा 153 (3) संहिता एवं प्रस्तुत दस्तावेजों को सही मानते हुए सभी अभियुक्तों के ऊपर छल पूर्वक निवेश कराने के लिए धारा 10, निवेशकों के हित का संरक्षण अधिनियम 2005 अपठित धारा 346,पुरस्कार चिट्स और धन परिसंचरण योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम 1978 की धारा 34, अर्थशोधन विवरण अधिनियम 2002 एवं धारा 420, 406, 467, 468, 471 120 बी, 384 भारतीय दंड संहिता के तहत पर्याप्त आधार हो माना गया है माननीय न्यायालय द्वारा पुलिस विभाग को इस पर अविलंब अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए आदेशित भी किया गया है।

प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि इससे तो यह स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी के रमन राज में ही प्रदेश के लाखों जनता से उनकी गाढ़ी कमाई को लूटा गया और इसमें पूर्व मुख्यमंत्री के परिजन एवं भाजपा के बड़े नेता भी शामिल थे। विकास तिवारी भाजपा से सवाल पूछते हुए कहा है कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह अपने पुत्र मोह के चलते जनता की गुहार भी सुनाई नहीं दे पा रही थी भाजपा को यह बताना चाहिए कि पूर्व में दर्ज चिटफंड प्रकरणों में निर्दोष चिटफंड एजेंटों को तो जेल भेज दिया गया था पर मुख्य आरोपियों को पूर्ववर्ती सरकार द्वारा क्यों संरक्षण दिया जा रहा था। क्या इस संरक्षण के बदले भारतीय जनता पार्टी को और रमन सरकार को किसी प्रकार का मोटा कमीशन मिलता था और उनकी इस चिटफंड लूट में बराबर की साझेदारी तो नही थी।

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