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दो सौ रुपये घुस कहाँ छोड़ना है ? पूछा कुणाल शुक्ला ने रायपुर एसपी से

बिन बाप की इस 12 वर्षीय छोटी बच्ची का अभिवावक अभी में हूँ,इसकी पढ़ाई लिखाई ,लालन पालन की मॉनिटरिंग बरसों से मेरे द्वारा की जा रही है। इसे इसके स्कूल में घुस कर एक लड़का चाकू की नोक पर छेड़ा करता था अश्लील फब्तियां कसा करता था जिस पर मेरे दखल के बाद पुलिस ने 8 अगस्त को टिकरापारा थाने में पॉक्सो के तहत मामला दर्ज किया है। कल इस छोटी बच्ची का 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज हुआ है जो महिला सिपाही इस छोटी बच्ची को गवाही के लिए कोर्ट लेकर गयी थी वह 200 रुपिये मांग रही थी जिसकी जानकारी इस बच्ची की माँ ने मुझे दिया है। जब इस बच्ची ने कहा चाचा(यानी कि में)से लेकर दे देंगे उन्हें फोन लगा लो तो इन दोनों को यह कह कर जलील किया गया कि नेतागिरी कर रहे हो,भिखारी हो। एसपी साहब आपके विभाग का में अब 200 रुपिये का कर्जदार इसलिए भी हूँ क्योंकि इस बच्ची की हैसियत 20 रुपिये देने की नहीं है और इसका अभिवावक में हूँ। मैंने पुलिस वालों को तोते के जैसा समझाया था कि यह बच्ची मेरे परिवार की सदस्य है इसे किसी प्रकार की तकलीफ नहीं होना चाहिए क्योंकि आज दिगर व्यस्तता के चलते इसे लेकर में स्वयं कोर्ट नहीं जा पाऊंगा।एसपी साहब यह 200 रुपिये आपके पास छोड़ दूं?कि टिकरापारा टीआई को दे दूं?अगर आप कहें तो माननीय ताम्रध्वज साहू जी को भी जा कर दे सकता हूँ या फिर आप आदेशित करें तो उस महिला सिपाही को सीधे भी जा कर दे सकता हूँ। एसपी साहब यह 200 रुपिये का कर्ज मेरे को बहुत भारी लग रहा है,इससे कृपया मुझे मुक्ति प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त करें।28/8/19

कुणाल शुक्ला

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