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टीआर एन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी भेनगारी के खिलाफ ग्रामीण ठेकेदार व सप्लायर हुए लामबंद।

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रायगढ़ । 2006 में निर्माण कार्य प्रारंभ होकर 2017 में पूर्णता प्राप्त कर हाल ही में कंपनी 600 मेगावाट विद्युत उत्पादन कर रही है, और वहीं चारमार भेनगारी,टेंडा, नवापारा आदि क्षेत्रीय ग्रामीणों को अभी तक अधिग्रहित जमीन का मुआवजा राशि प्रदान नहीं किए जाने व 2 वर्ष से अधिक समय से क्षेत्रीय ठेकेदार व माल सप्लायरों का बकाया राशि भुगतान टीआरएन कंपनी द्वारा नहीं किए जाने से प्रभावित लोगों में नाराजगी चरम पर है ।

प्रभावित ग्रामीण, ठेकेदार व सप्लायर ने दो माह पूर्व 6 फरवरी 2019 को इन्ही मुद्दों को लेकर चक्काजाम करने का निर्णय लिया था , पर टीआरएन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की कार्यों को प्रभावित करने को लेकर धरना पर बैठने से पहले ही टीआरएन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के महाप्रबंधक , अनुविभागीय अधिकारी राजस्व घरघोड़ा व थाना प्रभारी घरघोड़ा ने इन्हें झूठा आश्वासन देकर जबरदस्ती धरना देने से पहले ही रोक लिया था । अब 2 माह बीत जाने के बावजूद प्रबंधन इस ओर कोई सुध लेता नजर नहीं आ रहा है।

आज यही ग्रामीण जन, सप्लायर व ठेकेदार पुनः अनुविभागीय अधिकारी राजस्व घरघोड़ा को ज्ञापन सौंपने अपनी मांगों को लेकर टीआर एनर्जी लिमिटेड कंपनी भेंगारी में अपने अधिग्रहण भूमि का मुआवजा व ठेकेदार माल सप्लायर अपनी 6 बिंदुओं की मांगों को लेकर लामबंद होने को है मजबूर हैं।

इस मामले में प्रहलाद प्रसाद जीएम टीआरएन प्राईवेट कंपनी का कहना है कि यह सही है कि कुछ कांटेक्टरो का पैसा बाकी है। यह हम लोगों के साथ ही नहीं सारे कंपनियों के साथ है जितने भी थर्मल पावर प्लांट है। जरूरत के समय हमें कोयला की पूर्ति नहीं हो पाती है। कोयले के अभाव में बिजली सही सप्लाई नहीं हो पा रही है और बिजली सप्लाई नहीं होने से पेमेंट सही नहीं मिल पा रही है इस वजह से उनकी राशि रुकी हुई है जिसे कंपनी जल्द ही भुगतान कर देगी।

ठेकेदार नरेश कुमार अग्रवाल श्याम इंडस कंपनी ने बताया कि मेरे द्वारा टीआरएन कंपनी के लिए हॉस्टल का निर्माण कराया गया जिसमें मेरा 45 लाख रुपया टीआर एन कंपनी नेअभी तक भुगतान नहीं किया है। इधर

बोध राम गुप्ता पिता गौरी शंकर गुप्ता ने बताया कि टीआर एन कंपनी में मेरा 27 एकड़ जमीन गया है और इसका मैं मुआवजा राशि अभी तक प्राप्त नहीं कर पाया हूं वही कंपनी से राशि मांगे जाने पर झूठी आश्वासन दिया जा रहा है। जबकि जमीन लेने से पहले यह कही गई थी कि परिवार से नौकरी दी जाएगी व मुआवजा राशि किंतु आज तक कुछ नहीं मिला।

रायगढ़ से नितिन सिन्हा की रिपोर्ट

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