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समाचार प्रसारित होने के आधे घंटे के भीतर छत्तीसगढ़ सरकार ने लिया एक्शन , सरकार की संवेदना की हो रही तारीफ

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रायपुर। बस्तर के युवा पत्रकार राजेश हालदार की समस्याग्रस्त गांव की रिपोर्ट ” भूमकाल समाचार” ( bhumkalsamachar.com ) में प्रसारित होने के तुरंत बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने कांकेर कलेक्टर को उचित कार्यवाही का निर्देश जारी कर समस्याग्रस्त गांव सहित बस्तर के लोगों का दिल जीत लिया है ।
ज्ञात हो कि राजेश हालदार ने पखांजुर से 22 किमी दूर माओवाद प्रभावित गांव पोरियहूर की समस्याओं का मार्मिक वीडियो रिपोर्ट भूमकाल में प्रसारित कराया था । कुपोषण के शिकार बच्चों , पीने के पानी की समस्या आदि का जिक्र करते हुए बताया था कि यहां सभी शासकीय योजनाएं कागजों में ही है यहां न तो मोदी जी का शौचालय है और न ही उज्ज्वला योजना का अस्तित्व । लोग जंगल में शौच करते हैं और चूल्हे में बना खाना खाते हैं । पीने के लिए पूरे गांव के लिए एक ही हेण्डपम्प है , उसके बिगड़ जाने पर इन्हें तीन किमी दूर पहाड़ों पर बने झरिया तक जाना पड़ता है ।
इस खबर के प्रसारित होने और सोशल मीडिया में वायरल होते ही छत्तीसगढ़ सरकार केएक प्रशासनिक अधिकारी की पहल पर सरकार ने त्वरित एक्शन लेकर इस गांव में शासन की सभी योजना पहुंचाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार के एक उच्च प्रशासनिक अधिकारी ने भूमकाल समाचार के सम्पादक कमल शुक्ला को ग्रामीण समस्या को मार्मिक ढंग से उठाने की पत्रकारिता के लिए बधाई देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव की ओर से इस गांव की सभी समस्याओं को हल करने हेतु कांकेर जिले के कलेक्टर को निर्देश दे दिया है ।
सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए युवा पत्रकार तामेश्वर सिन्हा ने कहा है कि इससे पत्रकार ग्रामीण समस्याओं की रिपोर्ट गंभीरता से करने के लिए प्रेरित होंगे । वहीं ग्रामीण – आदिवासियों की समस्या के लिए संघर्षरत लिंगाराम कोडोपी ने इस तरह की पत्रकारिता के लिए राजेश हालदार का , और सक्रिय व त्वरित पहल के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का आभार व्यक्त किया है । पत्रकार और विचारक संत राम थावाईत ने कहा कि वर्तमान सरकार को इसी तरह काम करते रहने के लिए जनता भी सहयोग करे तो निःसंदेह बेहतर माहौल फिर वापस आ सकता है । रायपुर के युवा समाजसेवी प्रियांक पटेल ने इसे संवेदनशील पहल बताते हुए कहा कि यही सरकार होने की सच्ची पहचान है।

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