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“गढ़बो नवा छत्तीसगढ़” और न्याय योजना के ठेकेदार प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के शासन में अपराधियों के हौसले जबरदस्त और पुलिस है पस्त !

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अपराध का ग्राफ बढ़ा है. चाहे हत्या, मारपीट, चोरी या लूट के ही मामले क्यों न हो, हर तरह के अपराध के ग्राफ में वृद्धि हुई है। हत्या के मामले में छत्तीसगढ़ बिहार से आगे बढ़ चुका है, बीते वर्ष जनवरी से लेकर नवंबर तक हत्या के मामले ने शतक पार कर लिया था जिसमें मुख्यमंत्री के ही गृह नगर पाटन में एक ही परिवार के 5 लोगों की निर्मम हत्या भुलाई नहीं जा सकती, और अब मुख्यमंत्री निवास से महज कुछ ही किलोमीटर दूर हथखोज में दो गुटों के बीच गैंगवार होने से पुलिस और प्रशासन पर निरंकुशता की सुई एक बार फिर अटक गई है। फ़िलहाल न्याय चक्र चलाने वाले देवता खामोश हैं ! हालांकि दुर्ग पुलिस ने दो को छोड़कर बाकी के 15 आरोपियों को दबोच कर खाकी में दाग लगने से पाक साफ कर लिया है।

10 जनवरी की है घटना

दुर्ग जिला अंतर्गत मुख्यमंत्री निवास से महज कुछ ही किलोमीटर दूर हथखोज में मुखबिरी को लेकर कबाड़ चोर गिरोह के दो गैंग आपस में ही भीड़ गये। मारपीट के दौरान दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों में मनोज चौधरी और सूरज चौधरी की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई है। दोनों गिरोह में हुये बवाल की खबर जब पुलिस को मिली तो हरकत में आई।

हत्या की ये वारदात हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी (HTC) के सामने हुई। स्थानीय खबरों के मुताबिक वारदात के तीन दिन पहले ही इस कंपनी के संचालक इंद्रजीत सिंह उर्फ छोटू को जान से मारने की धमकी मिलने की बात सामने आई थी। आरोपियों ने सोचा था कि वे लोग दूसरे गुट के लोगों की उसी कंपनी के सामने हत्या कर देंगे और आरोप दो बड़े ट्रांसपोर्टर्स के झगड़े पर आ जाएगा, लेकिन वहां पर लगे सीसीटीवी कैमरे ने सारी पोल खोल दी। पुरानी भिलाई पुलिस ने कुछ ही घंटों में मामले का खुलासा करते हुए पंद्रह आरोपियों को गिरफ्तार की है।

रायपुर से दिनेश सोनी की रिपोर्ट

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