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खुजली वाले ढोंगी बाबा की असलियतसेवादार की लाश का संस्कार भी नहीं

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जमाने को प्रवचन देने वाले बागेश्वर धाम के धीरेंद्र गर्ग की निकृष्ट हरकत सुनें। बेगूसराय बिहार का धीरज सहाय उम्र 32 साल बीते एक साल से बागेश्वर धाम में सेवा कर रहा था। 26 दिसम्बर को उसकी लाश धाम के कमरे में मिली।कह दिया कि उसकी मौत बीमारी से हुई। जमाने के रोग ठीक करने वाले धीरेंद्र शास्त्री आने7 सेवादार की बीमारी ठीक नहीं कर पाए।


धीरेंद्र के चेलों ने लाश को जिला अस्पताल में फिंकवा दिया और अस्पताल वालों ने एम्बुलेंस से लाभ को श्मशान घाट भेज दिया।
मृतक के परिवार वाले बेहद गरीब, उनकी हैसियत नहीं कि लाश को बिहार ले जाएं या फिर यहां भी अंतिम संस्कार कर सकें। फिर छतरपुर शहर की चेतगिरी कालोनी के लोग आगे आये। पीड़ित के परिवार को चंदा कर बीस हज़ार रुपये दिए और अंतिम संस्कार विधि विधान से किया। करोड़ों रुपये अंध विश्वास फैलाने के नाम पर कमाने वाले एक अंतिम संस्कार नहीं कर सके।
यह है धार्मिक ढोंगियों की असलियत।

पंकज चतुर्वेदी के वॉल से

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